दो बार के ओलंपियन और चौथा विश्व कप पदक जीतने वाले संजीव बेहद भावुक होकर कहते हैं कि उनके पास शूटिंग में अच्छा प्रदर्शन कर जवाब देने के अलावा कोई चारा नहीं है। पिछली बार का अन्याय नहीं दोहराया जाए इसके लिए वह भगवान से यही प्रार्थना करते हैं कि 10 मीटर एयरराइफल केपुरुषों और ट्रैप शूटरों को ओलंपिक कोटा मिल जाए जिससे 50 मीटर थ्री पोजीशन में टोक्यो ओलंपिक के लिए उनका रास्ता साफ हो जाए।
संजीव अपने प्रदर्शन के दम पर टारगेट ओलंपिक पोडियम (टॉप्स) में शामिल हैं। यहीं से उन्हें ट्रेनिंग का सहारा मिल रहा है, लेकिन कमाई के नाम पर वह कुछ नहीं कर रहे हैं। संजीव कहते हैं कि अब तो उन्होंने कोचिंग देना भी बंद कर दिया है। आरोपों के बाद उन्होंने कोचिंग से तौबा कर ली है।