भारत के पास बुडापेस्ट में चल रही विश्व चैंपियनशिप में तीन कांस्य पदक जीतने का मौका था। मगर गुरुवार को प्रदर्शन के बाद साफ हो गया है कि महिला रेसलिंग में सिर्फ दो ही भारतीय पहलवान कांस्य पदक की दावेदार हैं।
पूजा ढांडा और ऋतु फोगाट महिलाओं की क्रमश: 57 किग्रा और 50 किग्रा भार वर्ग के प्लेऑफ में पहुंची। मगर रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक रेपचेज राउंड में आगे नहीं बढ़ सकीं। हंगरी की मारियाना सास्तिन के खिलाफ बाउट के पहले पीरियड में साक्षी ने 1-0 की बढ़त बना ली थी। फिर हंगरी की पहलवान ने भी एक अंक लिया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
इसके बाद साक्षी ने जोर लगाकर हंगरी की पहलवान को बाहर किया और 2-1 की बढ़त बना ली। आखिरी 55 सेकेंड में साक्षी ने अपनी बढ़त को बरकरार रखने की कोशिश की, लेकिन उनका एक पैर बाहर गया और स्कोर 2-2 से बराबर हो गया। आखिरी अंक सास्तिन ने लेकर 3-2 की बढ़त बना ली। भारतीय कोच कुलदीप मलिक ने इस फैसले को चुनौती दी और हार गए। साक्षी टूर्नामेंट से बाहर हो गईं।
इस बीच ऋतु और पूजा ने अपने पहले सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीतने के करीब हैं। ऋतु ने जल्द आक्रमण करके पिछले साल की रजत पदक विजेता एमिलिया एलिना वुक को आश्चर्य में डाल दिया। यह मैच बेहद रोमांचक रहा। ऋतु ब्रेक के समय 8-2 से पिछड़ रहीं थीं। मगर उन्होंने जबरदस्त वापसी की और स्कोर 6-8 पर पहुंचा दिया। इसके बाद ऋतु ने आखिरी अंक लेकर स्कोर 8-8 से बराबर करके अगले दौर में प्रवेश कर लिया। भारतीय पहलवान को जीत इसलिए मिली क्योंकि मैच का अंतिम अंक उन्होंने हासिल किया।
वहीं पूजा ढांडा ने 57 किग्रा वर्ग में अजरबेजान की अलयोना कोलेसनिल को आसानी से 8-4 से मात दी। अब उनका मुकाबला नॉर्वे की ग्रेस बुलन से होगा।