मोदी ने कहा, 'मैं आपको बताना चाहता हूँ, कि 2018 में, जब 'खेलो इंडिया प्रतियोगिता' की शुरुआत हुई थी, तब इसमें 3500 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन महज तीन वर्षों में खिलाड़ियों की संख्या छह हजार से अधिक हो गई है, यानी करीब-करीब दोगुनी।'
उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, सिर्फ तीन वर्षों में 'खेलो इंडिया प्रतियोगिता' के माध्यम से, बत्तीस-सौ प्रतिभाशाली बच्चे उभर कर सामने आए हैं। इनमें से कई बच्चे ऐसे हैं जो अभाव और गरीबी के बीच पले-बढ़े हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 'खेलो इंडिया प्रतियोगिता' में शामिल होने वाले बच्चों और उनके माता-पिता के धैर्य और दृढ़ संकल्प की कहानियां ऐसी हैं जो हर हिन्दुस्तानी को प्रेरणा देगी। उन्होंने इस संदर्भ में गुवाहाटी की पूर्णिमा मंडल का जिक्र करते हुए कहा कि गुवाहाटी नगर निगम में एक सफाई कर्मचारी हैं, लेकिन उनकी बेटी मालविका ने जहां फुटबॉल में दम दिखाया, वहीं उनके एक बेटे सुजीत ने खो-खो में, तो दूसरे बेटे प्रदीप ने, हॉकी में असम का प्रतिनिधित्व किया।
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु में बीड़ी बनाने का कार्य करने वाले योगानंथन का जिक्र जिनकी बेटी पुर्णाश्री ने भरोत्तोलन का गोल्ड मेडल हासिल किया। उन्होंने कहा कि जब वह डेविड बेकहम का नाम लेंगे तो लोग कहेंगे मशहूर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी हैं लेकिन अब अपने पास भी एक डेविड बेकहम है और उसने, गुवाहाटी के युवा खेल में स्वर्ण पदक जीता है। वह भी साइक्लिंग स्पर्धा के 200 मीटर में। उन्होंने भिवानी के प्रशांत सिंह कन्हैया ने 'पोल वोल्ट' स्पर्धा में अपना ही राष्ट्रीय रेकॉर्ड तोड़ने का काम किया। 19 साल के प्रशांत एक किसान परिवार से हैं। उन्होंने मुंबई की करीना शान्क्ता का भी जिक्र किया।
'मन की बात' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेविड बैकहम का जिक्र किया। मगर इंग्लैंड के वो मशहूर फुटबॉलर वैकहम का नहीं, यह डेविड बेकहम भारतीय हैं और फुटबॉलर नहीं साइक्लिस्ट हैं। उनकी उम्र 17 साल है। बेकहम ने हाल ही में असम की राजधानी गुवाहाटी में हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स कें U-17 स्प्रिंट साइक्लिंग में 10.891 सेकंड का समय लेकर गोल्ड मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने अंडर-17 टीम स्प्रिंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। पीएम मोदी ने बैकहम की खूब तारीफ की।