पैरालंपिक में दो पदक जीत चुके सिंहराज अधाना समेत भारतीय पैरा निशानेबाजी दल के छह सदस्यों को भारत सरकार के दखल के बाद भी वीजा नहीं मिल सका। इस वजह से यह खिलाड़ी फ्रांस में होने वाले पैरा निशानेबाजी विश्व कप में भाग नहीं ले पाएंगे। टोक्यो पैरालंपिक की स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अवनि लेखरा के ट्वीट करने के बाद यह मामला सामने आया। उन्होंने अपनी मां श्वेता जेवारिया और कोच राकेश मनपत को वीजा नहीं मिलने पर ट्वीट कर मदद मांगी थी।
फ्रेंच दूतावास ने कारण नहीं बताया
इस मामले में मुख्य राष्ट्रीय कोच और भारतीय पैरा निशानेबाजी के चेयरमैन जय प्रकाश नौटियाल ने कहा कि अवनि और उनके कोच मनपत को वीजा मिल गया, लेकिन एस्कार्ट जो उनकी मां हैं, उन्हें वीजा नहीं मिल सका। इसके अलावा तीन पैरा निशानेबाज सिंहराज, राहुल जाखड़ और दीपेंदर सिंह (सभी पैरा पिस्टल निशानेबाज) और दो कोच सुभाष राणा (राष्ट्रीय कोच) और विवेक सैनी (सहायक कोच) को भी वीजा उपलब्ध नहीं हो सका।
नौटियाल ने बताया कि फ्रेंच दूतावास ने इस बारे में कोई कारण नहीं बताया। उन्होंने इतना ही कहा कि वीजा की भारी मांग है। हमने 23 अप्रैल को वीजा के लिए आवेदन किया था। विदेश मंत्रालय ने भी मामले में दखल देकर मदद करने की कोशिश की, लेकिन छह लोगों को वीजा नहीं मिल सका।
14 निशानेबाज उतरेंगे, 18 कोटा तय
यह टूर्नामेंट 4 से 13 जून के बीच होना है और पेरिस पैरालंपिक के कोटा भी मिलेंगे। नौटियाल ने कहा कि हम 22 सदस्य जा रहे हैं, जिसमें 14 निशानेबाज हैं। हमें उम्मीद थी कि सभी को वीजा मिल जाएगा क्योंकि अगले पैरालंपिक पेरिस में होने हैं और इस टूर्नामेंट में उसके 18 कोटे तय होंगे। वहीं अवनि के ट्वीट पर भारतीय खेल प्राधिकरण ने रि-ट्वीट करके कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे भारतीय पैरा निशानेबाजों को फ्रांस जाने के लिए वीजा नहीं मिल सका।