छह बार की विश्व चैंपियन मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने 51 किग्रा में वापसी के बाद अपना अजेय अभियान जारी रखते हुए जर्मनी के बर्लिन में अभ्यास दौरे में अपने तीनों मुकाबले जीते।
उन्होंने यूक्रेन की दारिया सियरीइवा, जर्मनी की उर्सुला गोतलोब और नार्वे की वेरोनिका लोसविक को 5-0 से हराया।
वह शनिवार की सुबह स्वदेश लौटेंगी। मैरीकॉम ने 48 किग्रा से 51 किग्रा में खेलना शुरू किया है।
07: पदक हो गए हैं मैरीकॉम के विश्व मुक्केबाजी की जिनमें छह स्वर्ण और एक रजत पदक है
क्यूबा के दिग्गज फेलिक्स की बराबरी की
मैरी ने जब छठी बार विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता जो उन्होंने क्यूबा के दिग्गज पुरुष मुक्केबाज फेलिक्स सेवोन की बराबरी की जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप में सात पदक जीते थे। फेलिक्स (1986-1999) के खाते में भी छह स्वर्ण और एक रजत पदक है। इस विश्व चैंपियनशिप से पहले मैरी आयरलैंड की केटी टेलर (पांच स्वर्ण, एक कांस्य) के साथ बराबरी पर थीं।
अन्य बड़े पदक
2012: लदंन ओलंपिक कांस्य पदक(51 भारवर्ग) , 2018 : राष्ट्रमंडल खेल गोल्ड(48 भारवर्ग) , एशियाई खेल 2010 ग्वांगझू (51 भारवर्ग), 2014 इंच्योन स्वर्ण (51 भारवर्ग)
-पांच स्वर्ण और एक रजत पदक एशियन महिला मुक्केबाजी में भी जीते। एशियन इनडोर गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
पुरस्कार : अर्जुन अवॉर्ड 2003, पदमश्री 2006, राजीव गांधी खेल रत्न 2009, पद्म भूषण 2013