ओलंपिक क्वालीफायर को लेकर निखत जरीन और मैरी कॉम का विवाद जगजाहिर है। अब जब फाइनल में मैरी कॉम से निखत को शिकस्त मिली तो उसके बाद रिंग पर भी आपसी तनाव देखने को मिला। दरअसल, मैच के बाद मैरी कॉम ने निखत जरीन से नहीं मिलाया। उन्होंने कहा, 'मैं उनसे क्यों हाथ मिलाऊं? वह चाहती हैं कि दूसरे लोग उनका सम्मान करें तो पहले उन्हें सबका सम्मान करना होगा। मुझे ऐसे स्वभाव के लोग पसंद नहीं हैं। रिंग के अंदर अपने पॉइंट प्रूव करो, बाहर नहीं।'
इस मसले पर निखत का कुछ और ही कहना है। 23 वर्षीय मुक्केबाज ने कहा कि, 'मैरी कॉम युवाओं के लिए आदर्श हैं। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। मुझे उनका व्यवहार बिलकुल पसंद नहीं आया क्योंकि जब निर्णय का एलान हुआ तब मैं उनसे गले मिलने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया अच्छी नहीं थी। उन्होंने मैच के बाद ही नहीं मैच के दौरान भी मुझे गाली दी थी। बतौर जूनियर मैं भी एक सीनियर से अपने छोटे के प्रति सम्मान की उम्मीद करती हूं। मुझे ठेस पहुंचा।
इस दौरान भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह भी वहीं मौजूद थे। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, 'बीएफआई ने ओलंपिक क्वालीफायर के लिए महिला टीम चुनने के लिए निष्पक्ष ट्रायल कराए। दोनों मुक्केबाजों ने मैच खत्म होने के बाद हाथ नहीं मिलाया। सिंह ने कहा, ‘निखत के समर्थक थोड़े हताश थे, लेकिन यह सब खेल भावना में हुआ। थोड़ा सा उत्साह हमेशा होता है। मैं खुश हूं कि मैच में इतना उत्साह था।’
मैरी कॉम के जरीन को गले नहीं लगाने देने के बारे में उन्होंने कहा, ‘हर इंसान की भावनाएं होती हैं। वह भी इंसान है। मुझे लगता है कि हमें पूर्वाग्रह से प्रेरित नहीं होना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘अच्छा है कि यह ट्रायल हुआ और हर कोई देख सकता था। हमारे पास 10 जज थे ताकि निष्पक्ष और उचित नतीजे सुनिश्चित किए जा सकें। सभी के प्रतिनिधि मौजूद थे।