32 साल बाद ओलंपिक की एथलेटिक्स के फाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय महिला ललिता बाबर 3 हजार मीटर स्टिपल चेज स्पर्धा में 10वें स्थान पर रहीं। उन्होंने 9:22:74 मिनट में दौड़ पूरी की। इसके साथ उनकी भी ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बनने का सपना टूट गया।
स्पर्धा का स्वर्ण पदक बहमास की धावक जेबेट ने जीता, वह ओलंपिक और विश्व रिकॉर्ड तोड़ने से कुछ सेकेंड से चूक गईं। उन्होंने 8: 59:77 मिनट में दौड़ पूरी की। यह बहरेन को एथलेटिक्स में मिला पहला स्वर्ण पदक है।
बाबर ने हीट में सातवां स्थान हासिल किया था। तब उन्होंने दौड़ 9:19:76 मिनट में पूरी की थी, वह अपने हीट रेस का प्रदर्शन नहीं दोहरा सकीं।
बाबर से पहले 1984 में पीटी ऊषा ने 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में जगह बनाई थी जिसमें वह सेकेंड के सौवें हिस्से से कांस्य पदक जीतने से चूक गईं थीं।