उन्होंने क्यूबा छोड़ मैक्सिको की टीम को ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी। वहां घर बना लिया है, लेकिन उनका दिल थाईलैंड में ही अटका रहता था। आखिर उन्होंने इस देश को बॉक्सिंग में काफी कुछ दिया था। थाईलैंड भी उन्हें बुलाने को बेकरार था। इस साल मार्च में वह मैक्सिको से फिर थाईलैंड आ गए हैं, लेकिन अब वह पुरुष नहीं बल्कि महिला बॉक्सरों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। इस चैंपियनशिप में थाईलैंड की एक बॉक्सर सेमीफाइनल में पहुंची है।
फोंटेनल्स के मुताबिक क्यूबा में अभी भी उनका घर है, लेकिन वहां कोई नहीं रहता है। मैक्सिको की नागरिकता हासिल करने के बाद वह क्यूबा गए भी नहीं हैं। यही नहीं फोंटेनल्स के साथ उनके पुत्र भी थाईलैंड बॉक्सिंग टीम को कोचिंग दे रहे हैं। फर्नांडीज का नाम सुनते ही वह चहक उठते हैं।
वह बताते हैं कि फर्नांडीज उनके बचपन के साथी हैं, लेकिन लंबे समय से उनसे नहीं मिला हूं। उन्हें इस बात पर कोई आश्चर्य नहीं हुआ जब उन्हें बताया गया कि फर्नांडीज भी क्यूबा वापस नहीं गए हैं। वर्तमान में वह पंजाब खेल विभाग से जुड़कर मोहाली में ट्रेनिंग दे रहे हैं।