विश्व कप फाइनल के लिए खेलने आ रही ओलंपिक और पूर्व विश्व चैंपियन स्पेन की शूटर फातिमा गालवेज बिना वीजा के भारत पहुंच गईं। वह स्पेनिश टीम के साथ शनिवार की देर रात दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरीं। टीम के अन्य दो सदस्यों के पास वीजा था, लेकिन ट्रैप शूटर फातिमा के बिना वीजा नहीं होने के कारण उन्हें इमिग्रेशन अधिकारियों ने रोक दिया।
अधिकारियों को हैरानी इस बात की थी कि वीजा नहीं होने के बावजूद महिला शूटर को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने बिठा कैसे लिया। शूटर को वापस स्पेन भेजे जाने की तैयारी थी, लेकिन एनआरएआई के हस्तक्षेप के बाद उन्हें रविवार की सुबह टेंपरेरी लैंडिंग परमिट (टीएलपी) जारी किया गया। इसके बाद वह एयरपोर्ट से बाहर निकल पाईं। वह अब विश्वकप फाइनल में खेल पाएंगी।
कोच द्रादी और साथी शूटर के पास था वीजा
सूत्र बताते हैं कि इस नाटकीय घटनाक्रम ने एयरपोर्ट और एनआरएआई अधिकारियों की नींद उड़ा दी। फातिमा ने ई वीजा के लिए आवेदन किया था, लेकिन इसे कुछ दस्तावेजों के आभाव में खारिज कर दिया गया था। फातिमा के साथ भारत के पूर्व शूटिंग कोच और वर्तमान में स्पेन के कोच मार्सेलो द्रादी और पुरुष ट्रैप शूटर अल्बर्टो फर्नांडीज थे। इन दोनों का वीजा था। फातिमा के साथ ये दोनों भी सुबह तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे।
एनआरएआई के जरिए फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (एफआरआरओ) के पास मामला पहुंचा। उन्हें बताया गया कि फातिमा नामी शूटर हैं। वह विश्व चैंपियनशिप के स्वर्ण समेत तीन रजत दो कांस्य जीत चुकी हैं और पहले भी भारत आ चुकी है। इसके बाद एफआरआरओ ने उन्हें टीएलपी जारी किया। एनआरएआई के महासचिव सुल्तान सिंह ने घटना की पुष्टि करते करते हुए कहा, फातिमा होटल आ चुकी हैं और टूर्नामेंट में खेलेंगी