भारत के लिए रियो ओलंपिक के आठवें दिन की शुरुआत ठीकठाक रही। एथलेटिक्स में ललिता बाबर ने इतिहास रचते हुए फाइनल में जगह पक्की कर ली जबकि महिला हॉकी में हार से से देश की चुनौती खत्म हो गई है।
एथलेटिक्स में ललिता बाबर और सुधा सिंह ने 3000 मीटर स्टीपलचेस रेस में अपनी चुनौती पेश की जिसमें ललिता ने बेहद शानदार खेल दिखाया और नेशनल रिकॉर्ड तोड़ते हुए 9:19.76 मिनट के साथ फाइनल में जगह पक्की कर ली। ललिता 32 साल बाद ट्रैक स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला एथलीट भी बन गई हैं। हालांकि सुधा सिंह अपनी हीट में काफी पीछे रहीं।
निशानेबाजी में भारतीय शूटर गुरप्रीत सिंह 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल के फाइनल में जगह बनाने से चूक गए। शीर्ष 6 शूटर ही फाइनल में जाते हैं लेकिन वह सातवें नंबर पर रहे।
भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए आज करो या मरो की स्थिति थी लेकिन मैच के हॉफ टाइम से पहले तक भारतीय टीम ने बेहद खराब प्रदर्शन किया और 0-5 से हार का सामना करना पड़ा। क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए भारत का अर्जेंटीना पर जीत दर्ज करना जरूरी था लेकिन उसे हार मिला।
वहीं, महिला बैडमिंटन में साइना नेहवाल और पीवी सिंधु अगले दौर के मुकाबले में उतरेंगे। वहीं पुरुषों के युगल में मनु अत्री और सुमित रेड्डी अपना दूसरा मैच खेलेंगे। पहले मैच में इस जोड़ी को हार मिली थी। महिला युगल में बाहर हो चुकी ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी अपना अखिरी मैच भी हार गई है। उसे थाइलैंड की जोड़ी ने सीधे सेटों में हराया।
नौकायन में पदक की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुके भारतीय रोअर दत्तू बबन भोकानल पुरुष सिंगल स्कल्स ओवरऑल रैंकिंग में 15वें स्थान पर रहे। दत्तू शनिवार को फाइनल रैंकिंग स्पर्धा में पहले स्थान पर रहे। उन्होंने निर्धारित दूरी को छह मिनट 54.96 सेकेंड में पूरा किया। भोकानल ने हंगरी के बेंडेगुज, अर्जेंटीना के रोसो, इंडोनेशिया के मेमो, कोरिया के किम और उरुग्वे के जोनाथन को पीछे छोड़ा।