भारत-चीन के बीच खराब हुए रिश्तों के बीच देशभर में चीनी सामानों के बहिष्कार की मांग तेज हो चुकी है। इसी दिशा में कड़ा कदम उठाते हुए भारतीय भारोत्तोलन महासंघ ने चीन से आने वाले उपकरणों को खराब बताते हुए इसका इस्तेमाल न करने का फैसला लिया है।
महासंघ ने चीनी कंपनी 'जेडकेसी' से पिछले साल चार भारोत्तोलन सेट मंगवाए थे। महासंघ ने कहा कि उपकरण खराब निकले और भारोत्तोलक उनका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। महासंघ ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) को लिखे पत्र में इसकी सूचना दे दी है।
महासंघ के महासचिव सहदेव यादव ने कहा, 'हमें चीनी उपकरणों का बहिष्कार करना चाहिए। महासंघ ने फैसला लिया है कि हम चीन में बने किसी उपकरण का इस्तेमाल नहीं करेंगे। भविष्य में भी हम चीनी सेटों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। हम भारतीय या अन्य कंपनियों के सेटों का प्रयोग करेंगे।'
यह पूछने पर कि ये सेट ऑर्डर ही क्यों किए, राष्ट्रीय कोच शर्मा ने कहा कि कोई और विकल्प नहीं था क्योंकि टोक्यो ओलंपिक में चीनी उपकरण ही इस्तेमाल किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चीन से पहली बार उपकरण खरीदे गए थे। भारतीय टीम फिलहाल स्वीडन में बने उपकरणों के साथ अभ्यास कर रही है।
याद हो कि 15 जून को लद्दाख के गलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद चीनी उत्पादों के इस्तेमाल के बहिष्कार की मांग की जा रही है। भारतीय ओलंपिक संघ ने भी कहा है कि वह चीनी उपकरणों का बहिष्कार करने को तैयार हैं।