टोक्यो ओलंपिक में पदक के दावेदार भारतीय शूटरों की दिल्ली विश्व कप के बाद से तैयारियां बंद पड़ी हैं। कोरोना के चलते शूटरों का शिविर तक नहीं लग सका। ओलंपिक टीम में चयनित 15 शूटर या तो घर पर हैं या फिर अपने स्तर पर तैयारियां कर रहे हैं। शूटरों का पूरा अप्रैल माह बिना तैयारियों के निकलने वाला है। यही कारण है कि एनआरएआई ने शूटरों की तैयारियों की पूरी योजना बदल दी है। पहले उसने फैसला लिया था कि शूटरों को दिल्ली में रहकर तैयारियां कराई जाएंगी। उन्हें विदेश नहीं भेजा जाएगा, लेकिन अब शूटरों को दो माह के लिए यूरोप भेजा जा रहा है। शूटरों को ओलंपिक से 25 दिन पहले दिल्ली बुलाया जाएगा और यहीं से टोक्यो भेजा जाएगा।
शूटरों को कहा दो माह का जरूरी सामान साथ ले चलें
राइफल और पिस्टल टीम मैनेजमेंट की बैठक में 15 शूटरों को बताया गया है उन्हें दो मई से एक सप्ताह के लिए एकांतवास में जाना है। इसके बाद उन्हें नौ से 19 मई तक उनका ओसिएक (क्रोएशिया) में शिविर लगेगा। 31 मई तक यहीं होने वाली यूरोपीय चैंपियनशिप में बतौर एमक्यूएस खेलने का मौका मिलेगा। 15 जून तक यहीं फिर से शिविर लगाया जाएगा। उसके बाद बाकू (अजरबैजान) में 30 जून तक शूटर विश्व कप में खेलेंगे। जुलाई के पहले सप्ताह में शूटरों को दिल्ली में एकांतवास में भेजा जाएगा। इसके बाद राइफल टीम 17 और पिस्टल टीम 24 जुलाई को दिल्ली से टोक्यो केलिए रवाना होगी। शूटरों को निर्देश दे दिए गए हैं कि कारतूस को छोड़कर वे अपने साथ दो माह के लिए हर जरूरी सामान रख लें जिसकी उन्हें जरूरत है।
कोरोना के चलते लिया यूरोप में तैयारी का फैसला
15 में से तीन शूटर कोरोना संक्रमित निकल चुके हैं। इनमें दो की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है, लेकिन एक अस्पताल में है। टीम में कोरोना के बढ़ते मामलों को देख एनआरएआई ने शूटरों की विदेश में तैयारियां नहीं करने के अपने फैसले को बदला। उन्हें लगा दिल्ली में शिविरखतरे से खाली नहीं है। टीम में शामिल एक शूटर का कहना है कि यूरोप में शूटर कंपटीशन खेलने में व्यस्त हैं और उन्हें घरों में कैद रहना पड़ रहा है। यह कठिन दौर है।