लंदन ओलंपिक की एक अन्य कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए। भारतीय महिला शटलर ने कहा, 'खुशी है कि इन्हें स्थगित कर दिया गया हालांकि हम कुछ खिलाड़ी क्वॉलिफाइ नहीं कर पाए थे। हम यह जानने के इच्छुक हैं कि आगे क्वॉलिफिकेशन की प्रक्रिया कैसे होगी।'
भारत की तरफ से पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे पहलवान बजरंग पूनिया ने कहा, 'यह अच्छा फैसला है क्योंकि हर कोई परेशान है। खिलाड़ियों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है। कोई भी ढंग से अभ्यास नहीं कर पा रहा था। यह केवल भारत से जुड़ा मामला नहीं है, पूरे विश्व की बात है। हमें सबसे पहले इस महामारी से लोगों को बचाना होगा।'
पूर्व विश्व चैंपियन महिला भारोत्तोलक मीराबाई चानू का भी मानना है कि यह खिलाड़ियों के लिए अच्छा फैसला है। उन्होंने कहा, 'जो कुछ भी हुआ वह अच्छे के लिए हुआ। अब हमें तैयारी के लिए ज्यादा समय मिल जाएगा। यह मेरे प्रदर्शन के लिए अच्छा है। मैं अभ्यास जारी रखूंगी।'
निशानेबाज राही सरनोबत ने कहा, 'हम अभ्यास नहीं कर पा रहे थे और इसलिए हमें तैयारी के लिए 3-4 महीने और चाहिए थे। अब हम नए सिरे से तैयारियां कर सकते हैं।'
कुश्ती में 57 किग्रा में ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाइ करने वाले पहलवान रवि दहिया ने कहा, 'हम इस साल के ओलिंपिक के लिए तैयार थे। हम तैयार थे लेकिन जब ऐसा कुछ होता है तो आप क्या कर सकते हैं। हम हमारे नियंत्रण से बाहर है। हम 2021 के लिए फिर से तैयारी करेंगे।'
पहली बार ओलंपिक में भाग लेने की तैयारी में जुटे चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की बैडमिंटन पुरुष युगल जोड़ी ने भी इन खिलाड़ियों की हां में हां मिलाईं। शेट्टी ने कहा, 'अभी सही फैसला किया गया। यह दुखद है लेकिन वर्तमान परिस्थिति में यह समझदार फैसला है।'
तीरंदाज दीपिका कुमारी ने भी राहत की सांस ली। उन्होंने कहा, 'कहते हैं न कि जान है तो जहां है। सबसे पहले मैं प्रार्थना करती हूं कि सब कुछ सामान्य हो जाए और दुनिया कोरोना वायरस से सुरक्षित रहे।'
राइफल निशानेबाज अंजुम मोद्गिल ने कहा, 'इसकी सख्त जरूरत थी क्योंकि दुनिया में कोई भी खिलाड़ी तैयारी नहीं कर पा रहा था। यह अच्छा है कि ओलंपिक स्थगित कर दिए गए। अब हमारे पास अच्छी तरह से तैयार होने और योजना बनाने का समय होगा।'