इसके पहले बजरंग पूनिया ने टोक्यो ओलंपिक के ऊपर स्वास्थ्य और जान को तरजीह दी थी। पूनिया ने कहा था कि, 'सर्वप्रथम, हमें कोरोनावायरस से लड़ना होगा। समूचे विश्व में यह बीमारी महामारी की तरह फैल चुकी है। इस दौरान ओलंपिक का आयोजन खतरे से खाली नहीं होगा, क्योंकि कोई नहीं जानता कि हालात सुधरने में कितना वक्त लगेगा। जिंदगी रही तो ओलंपिक खेल पाएंगे। लेकिन अगर कोई अपनी जिंदगी ही गंवा दे तो फिर ओलिंपिक का क्या मतलब है?'
बजरंग टोक्यो ओलंपिक टालने के बड़े पक्षधर है, उनका साफ तौर पर कहना है कि अगर जिंदगी रही तो ओलंपिक खेल पाएंगे। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित इस पहलवान का बयान तब आया जब कनाडा ने खेलों के इस महाकुंभ के बहिष्कार का एलान कर दिया।
इस बीच कनाडा ने इंटरनेशनल ओलंपिक संघ (IOC) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से अपील की है कि इन खेलों को एक साल के लिए टाल दिया जाए। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया ने भी अपने खिलाड़ियों को 2021 टोक्यो ओलंपिक की तैयारी के लिए बोल दिया है।