ध्रुव कपिला ने दोहरी सफलता हासिल की। ध्रुव ने पुरुष युगल में कृष्णा प्रसाद के साथ मिलकर श्रीलंका के सचिन और बुवानेका थारिंदु को 21-19,19-21,21-18 से हराकर खिताब जीता। उसके बाद मिश्रित युगल में मेघना के साथ श्रीलंका के ही सचिन और थिलिनी प्रामोदिका को 21-16,21-14 से हराकर गोल्डन डबल पूरा किया। एन सिक्की रेड्डी व मेघना और कूहु गर्ग और अनुष्का पारिख की जोड़ी को सेमीफाइनल में हारकर रजत से संतोष करना पड़ा था। इससे पहले महिला और पुरुषों टीमों ने पीले तमगे जीते थे।
एंथोनी अमलराज ने हमवतन हरमीत देसाई की गोल्डन हैट्रिक की उम्मीदों पर पानी फेरकर टेबल टेनिस की पुरुष एकल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया। महिला वर्ग में सुतिर्था मुखर्जी हमवतन अहयिका मुखर्जी को हराकर चैंपियन बनीं। इसके साथ ही भारतीय खिलाड़ियों ने सात स्वर्ण और पांच रजत से स्पर्धा में दांव पर लगे सबसे ज्यादा पदकों पर कब्जा किया। अमलराज ने फाइनल में 0-3 से पिछड़ने के बाद हरमीत को 6-11, 9-11, 10-12, 11-7, 11-4, 11-9, 11-7 से मात दी। सुतिर्था ने अहयिका को 8-11, 11-8, 6-21, 11-4, 13-11, 11-8 से मात दी।
ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धा में 12 पदक जीते। एशियाई चैंपियन तेजिंदर पाल सिंह तूर (20.03 मी) ने चाका फेंक के पुरुष वर्ग में और आभा खातुवा (15.32 मी) ने महिला वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। तूर ने सैग खेलों का 20 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा जोकि भारत के ही बहादुर सिंह सागू (19.15 मी) ने 1999 मेें बनाया था। ओम प्रकाश करहाना (17.31 मीटर) ने रजत और कंचना चौधरी ने कांस्य पदक जीता।
तलवारबाजों ने तीन स्वर्ण और इतने ही रजत जीते। वांगेलंबाम थोईबी, करण सिंह और सुनील ने पीले तमगे जीते। राधिका प्रसाद, कुमारेसन पद्म गिशोनिधी और जयप्रकाश गुरुप्रकाश के खाते में चांदी आई।
भारोत्तोलकों ने भी शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए तीन स्वर्ण और एक रजत सहित चार पदक जीते। अचिंता (73 किग्रा), राखी हलदर (64 किग्रा) और मनप्रीत कौर (71 किग्रा) ने पीले तमगे जबकि अजय सिंह (81 किग्रा) ने रजत जीता।
साइकिलिंग स्पर्धा में इलांगबम चाओबा देवी ने महिला एलीट और जॉन नवीन थामस ने पुरुष एलीट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते। अरविंद पंवार ने रजत पदक हासिल किया।