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नए साल में बड़ी चुनौतियों के लिए तैयार भारतीय खिलाड़ी, 2019 में ऐसा लगेगा 'खेल का महाकुंभ'

Tue, 01 Jan 2019 11:19 PM IST
Mukesh Jha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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indian sports personalities
खेलों के महाकुंभ यानि 2020 के टोक्यो ओलंपिक के लिए साल 2019 बेहद महत्वपूर्ण है। इस साल भारत समेत दुनिया भर के देशों की चुनौती का मुख्य केंद्र ओलंपिक क्वालिफायर होंगे। खेलों की दुनिया में साल 2019 को ओलंपिक क्वालिफायर वर्ष कहे जाने पर कोई अतिश्योक्ति नहीं होनी चाहिए। हां इस साल विश्व क्रिकेट की खुमारी फिर से चढ़ने वाली है।

विराट एंड कंपनी का टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज खेल रही विराट एंड कंपनी की पहली बड़ी परीक्षा ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर 70 साल का टेस्ट सीरीज न जीत पाने का सूखा खत्म करना है। इसके बाद टीम इंडिया का असली इम्तिहान इंग्लैंड में 30 मई से 14 जुलाई तक होने वाले आईसीसी विश्व कप में होगा। पिछले साल शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय टीम खिताब की प्रबल दावेदार है। विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी का यह आखिरी विश्व कप होगा और टीम इसे यादगार बनाना चाहेगी।

फुटबॉल
फुटबॉल में साल के शुरुआत में ही भारतीय टीम की संयुक्त अरब अमरीत में एशियन कप में साख दांव पर होगी। सात साल बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करने वाली सुनील छेत्री की अगुआई वाली टीम अपनी छाप छोड़ना चाहेगी।

दिल्ली वर्ल्ड कप शूटरों के लिए खोलेगा ओलंपिक के दरवाजे
साल 2018 पूरी तरह से युवा शूटरों के नाम रहा, सौरव चौधरी, मनु भाकर, मेहुली घोष, अनीष भानवाला, लक्ष्य श्योराण, शार्दुल विहान इन सभी शूटरों ने 2018 में अपने प्रदर्शन की छाप छोड़ वरिष्ठ शूटरों के सामराज्य को ध्वस्त कर दिया, लेकिन इन शूटरों के समक्ष असली चुनौती साल 2019 है। इस साल ओलंपिक के सारे क्वालिफायर हो जाएंगे। इसकी शुरुआत दिल्ली से हो रही है।

20 फरवरी से कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में ओलंपिक क्वालिफायर कंबाइंड शूटिंग वर्ल्ड कप होने जा रहा है। यहां 16 ओलंपिक कोटा दांव पर होंगे। रियो ओलंपिक के लिए 12 शूटरों ने क्वालिफाई किया था। इस बार यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। साल में कुल चार वर्ल्ड कप के अलावा सबसे ज्यादा कोटे वाली एशियाई चैंपियनशिप होगी।

सच्चाई यह है कि भारतीय शूटिंग अपने सुनहरे दौर से गुजर रही है। इसका कारण जूनियर शूटरों का उभरकर सामने आना है। इस साल संजीव राजपूत, अपूर्वी चंदेला, अंजुम मौदगिल, दीपक कुमार, रवि कुमार, हीना सिद्धू, जीतू राय, गगन नारंग, राही सरनोबात जैसे वरिष्ठ शूटरों को टोकियो ओलंपिक के टिकट केलिए अपने से काफी जूनियर शूटरों से ही चुनौती मिलने जा रही है।
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SINDHU AND SAINA
सिंधू, साइना, श्रीकांत को भारी पड़ेगी चूक
सिंधू का वर्ल्ड कप फाइनल्स का खिताब, एशियाड का रजत और साइना का कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड मेडल छोड़ दें तो साल 2018 भारतीय बैडमिंटन के लिहाज से उल्लेखनीय साल नहीं रहा। इस साल मई माह से टोक्यो ओलंपिक साइकिल शुरू हो रही है जो मई 2020 तक चलेगी। इस साल टॉप 16 की वर्ल्ड रैंकिंग रखना ही भारतीय शटलरों के लिए बड़ी चुनौती होगी। सिंगल्स में अगर दो-दो भारतीय शटलरों को टोकियो में खेलना है तो कुछ सुपर सीरीज के खिताब अपनी झोली में डालने होंगे।

सिंधू की इस वक्त रैकिंग तीन, साइना की नौ, श्रीकांत की आठ, समीर वर्मा की 12 और एचएस प्रणय की 20 है। इन सभी शटलरों को 15 में से 12 टूर्नामेंट खेलना अनिवार्य है और यहीं से रैंकिंग को ऊपर बढ़ाना है। टोकियो के लिए सिंगल्स को लेकर दिक्कत नहीं है। इस बार बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया चिराग शेट्टी और सात्विक साईराज  रेड्डी के अलावा महिला डबल्स में अश्वनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी से ओलंपिक क्वालिफाई की उम्मीदें लगा रखी हैं, लेकिन इसके लिए भी इन दोनों को अपनी वर्ल्ड रैंकिंग टॉप 16 में लेकर आनी होगी।

बजरंग और महिला पहलवानों को दिखना होगा दम
टोक्यो ओलंपिक में पहलवान बजरंग पदक के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। 65 किलो भार वर्ग में खेलने वाले इस पहलवान के लिए साल 2019 बेहद महत्वपूर्ण और चुनौती भरा है। अस्ताना (कजाखस्तान) में इस साल होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप से उन्हें ओलंपिक का टिकट हासिल करना होगा।

अगर वह यहां चूके तो फिर उन्हें अगले वर्ष ओलंपिक क्वालिफायर खेलने होंगे। बजरंग के अलावा पुरुष फ्रीस्टाइल में 57 किलो भार वर्ग ऐसा है जहां ओलंपिक टिकट हासिल करने की उम्मीद है। संदीप तोमर, उत्कर्ष काले इस भार में कुछ करके दिखा सकते हैं। महिला पहलवानों से इस बार कुछ ज्यादा उम्मीदें हैं। पूजा ढांढा के अलावा विनेश फोगाट, रितु फोगाट अच्छे परिणाम देने में सक्षम हैं।
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Saikhom Mirabai Chanu - फोटो : Saikhom Mirabai Chanu
मीरा के सामने चोट से उबरने की चुनौती
टोकियो ओलंपिक के लिए वेटलिफ्टिंग में देश की सबसे बड़ी उम्मीद मणिपुर की मीराबाई चानू हैं, लेकिन समस्या यह है कि गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने के बाद इस लिफ्टर को पीठ की चोट ने आ घेरा है। इस चोट से मीरा उबर तो गई हैं, लेकिन इसके बाद उन्होंने अब तक एक बार भी अंतरराष्ट्रीय कंपटीशन में शिरकत नहीं की है। अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग संघ  के नए नियमों के तहत ओलंपिक क्वालिफाई करना आसान नहीं है। छह माह के अंदर एक गोल्ड और एक इससे नीचे का टूर्नामेंट खेलना जरूरी है।

इनमें दिखाए गए प्रदर्शन के हिसाब से रैंकिंग बनेगी और ओलंपिक टिकट दिया जाएगा। इस लिहाज से मीरा को अगली छह-छह माह की साइकिल में कम से कम चार टूर्नामेंट खेलना जरूरी है। इसके लिए उनका फिट रहना जरूरी है। फिलहाल वह अप्रैल में चीन में होने वाली ओलंपिक क्वालिफाइंग एशियाई चैंपियनशिप की तैयारी में जुटी हैं। दरअसल इस चैंपियनशिप की मेजबानी भारत को करनी थी, जिसे आम चुनाव  के चलते वापस कर दिया गया। साल के अंत में वर्ल्ड चैंपियनशिप भी होनी है।

चुनौती ओलंपिक पदक की आस कायम रखने की
लंबे समय बाद एथलेटिक्स में ओलंपिक पदक की आस जगी है और यह आस जेवेलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा और हिमा दास ने जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनकर जगाई है। नीरज से तो टोक्यो में पदक की उम्मीद की जा रही है। यही कारण है कि जर्मनी के कोच यू हॉन के अलावा एक अन्य जर्मन कोच को उनकी तैयारियों के लिए बुलाया जा रहा है। साथ ही इस साल होने वाली एशियाई चैंपियनशिप तक उन्हें आस्ट्रेलिया ट्रेनिंग के लिए भेजा जा रहा है। ओलंपिक के लिए नीरज का साल के अंत में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में प्रदर्शन मायने रखेगा।
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Mary Kom
यहां अगर वह पदक जीतने से ज्यादा 90 मीटर की दूरी तक भाला फेंकने में सफल रहते हैं तो यह बड़ी बात होगी। खुद नीरज की इच्छा है कि इस साल वह 90 मीटर की दूरी तय करें। वहीं हिमा दास और चार गुणा चार सौ मीटर रिले टीम अंताल्या (तुर्की) में तैयारियों में व्यस्त है। हालांकि हिमा से ज्यादा इस साल सारी की सारी निगाहें नीरज के प्रदर्शन पर रहेंगी। नीरज ही देश के इकलौते एथलीट है जिनका प्रदर्शन ओलंपिक पदक के नजदीक है।

मैरी कॉम को आना होगा नए भार वर्ग में
भारतीय बॉक्सरों के सामने इस साल सबसे बड़ी चुनौती ओलंपिक केलिए नए भार वर्गों में ढालने की होगी। 48 किलो भार वर्ग में छठी बार वर्ल्ड चैंपियन बनीं एमसी मैरी कॉम को टोकियो में पदक जीतने के लिए साल के अंत में रूस में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में 51 किलो भार वर्ग में खेलना होगा। यही भार वर्ग टोकियो ओलंपिक में शामिल किया गया है। यह टूर्नामेंट ओलंपिक क्वालिफायर है।

सिर्फ मैरी ही नहीं बल्कि कुछ अन्य पुरुष बॉक्सरों को भी अपने भार वर्ग में बदलाव करना होगा। इस बार ओलंपिक में पुरुषों में 10 की बजाय आठ और महिलाओं में तीन की बजाय पांच भार वर्ग शामिल किए गए हैं। खास बात यह है कि आईबा ने ओलंपिक क्वालिफायर में वर्ल्ड सीरीज बॉक्सिंग को भी शामिल किया है। यही कारण है बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया डब्लूएसबी को लेकर गंभीर है।
                                

महिला हॉकी टीम का प्रमुख कार्यक्रम 24 जनवरी से 4 फरवरी स्पेन का दौरा, तीन से 12 मार्च जापान का दौरा और जून में एफआईएच सीरीज फाइनल्स। जूनियर  टीम 8 से 14 फरवरी तक लखनऊ में फ्रांस के खिलाफ टेस्ट सीरीज और जूनियर एशिया कप में भाग लेगी पुरुष हॉकी टीम का प्रमुख कार्यक्रम 23 से 30 मार्च सुल्तान अजलान शाह कप, 6 से 16 जून भुवनेश्वर में एफआईएच सीरीज फाइनल्स।

मुख्य स्पर्धाएं

एएफसी एशियन कप फुटबॉल
05 जनवरी से एक फरवरी
संयुक्त अरब अमीरात

ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस
14 से 27 जनवरी मेलबर्न

विश्व कुश्ती चैंपियनशिप
14-22 सितंबर अस्ताना कजाखस्तान

 विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप
16-25 सितंबर
पट्टाया, थाईलैंड

आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक विश्व चैंपियनशिप
4-13 अक्तूबर

मिलिट्री वर्ल्ड गेम्स
18-27 अक्तूबर

आईसीसी विश्व कप क्रिकेट
इंग्लैंड एंड वेल्स
30 मई से 14 जुलाई


विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप
27 सितंबर से 06 अक्तूबर
दोहा, कतर
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