खेलों के महाकुंभ यानि 2020 के टोक्यो ओलंपिक के लिए साल 2019 बेहद महत्वपूर्ण है। इस साल भारत समेत दुनिया भर के देशों की चुनौती का मुख्य केंद्र ओलंपिक क्वालिफायर होंगे। खेलों की दुनिया में साल 2019 को ओलंपिक क्वालिफायर वर्ष कहे जाने पर कोई अतिश्योक्ति नहीं होनी चाहिए। हां इस साल विश्व क्रिकेट की खुमारी फिर से चढ़ने वाली है।
विराट एंड कंपनी का टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज खेल रही विराट एंड कंपनी की पहली बड़ी परीक्षा ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर 70 साल का टेस्ट सीरीज न जीत पाने का सूखा खत्म करना है। इसके बाद टीम इंडिया का असली इम्तिहान इंग्लैंड में 30 मई से 14 जुलाई तक होने वाले आईसीसी विश्व कप में होगा। पिछले साल शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय टीम खिताब की प्रबल दावेदार है। विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी का यह आखिरी विश्व कप होगा और टीम इसे यादगार बनाना चाहेगी।
फुटबॉल
फुटबॉल में साल के शुरुआत में ही भारतीय टीम की संयुक्त अरब अमरीत में एशियन कप में साख दांव पर होगी। सात साल बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करने वाली सुनील छेत्री की अगुआई वाली टीम अपनी छाप छोड़ना चाहेगी।
दिल्ली वर्ल्ड कप शूटरों के लिए खोलेगा ओलंपिक के दरवाजे
साल 2018 पूरी तरह से युवा शूटरों के नाम रहा, सौरव चौधरी, मनु भाकर, मेहुली घोष, अनीष भानवाला, लक्ष्य श्योराण, शार्दुल विहान इन सभी शूटरों ने 2018 में अपने प्रदर्शन की छाप छोड़ वरिष्ठ शूटरों के सामराज्य को ध्वस्त कर दिया, लेकिन इन शूटरों के समक्ष असली चुनौती साल 2019 है। इस साल ओलंपिक के सारे क्वालिफायर हो जाएंगे। इसकी शुरुआत दिल्ली से हो रही है।
20 फरवरी से कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में ओलंपिक क्वालिफायर कंबाइंड शूटिंग वर्ल्ड कप होने जा रहा है। यहां 16 ओलंपिक कोटा दांव पर होंगे। रियो ओलंपिक के लिए 12 शूटरों ने क्वालिफाई किया था। इस बार यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। साल में कुल चार वर्ल्ड कप के अलावा सबसे ज्यादा कोटे वाली एशियाई चैंपियनशिप होगी।
सच्चाई यह है कि भारतीय शूटिंग अपने सुनहरे दौर से गुजर रही है। इसका कारण जूनियर शूटरों का उभरकर सामने आना है। इस साल संजीव राजपूत, अपूर्वी चंदेला, अंजुम मौदगिल, दीपक कुमार, रवि कुमार, हीना सिद्धू, जीतू राय, गगन नारंग, राही सरनोबात जैसे वरिष्ठ शूटरों को टोकियो ओलंपिक के टिकट केलिए अपने से काफी जूनियर शूटरों से ही चुनौती मिलने जा रही है।