देश के दिग्गज बॉक्सर मैरी कॉम और विजेंदर सिंह के लिए एक बार फिर रियो ओलंपिक में खेलने की राह खुल गई है। वर्ल्ड चैंपियनशिप में हारने के बाद रियो के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाईं मैरी कॉम के लिए एडहॉक कमेटी ने आईबा से वाइल्ड कार्ड मांगने का फैसला लिया है। मैरी ने भी कमेटी को यह कदम उठाने के लिए अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है।
अब यह आईबा पर निर्भर करेगा कि उनकी ओर से मैरी को 51 किलो भार वर्ग में ओलंपिक का एकमात्र वाइल्ड कार्ड दिया जाता है या नहीं। वहीं आईबा की ओर से लुसान में बुधवार को ओलंपिक में पेशेवर बॉक्सरों को खेलने की मंजूरी प्रदान किए जाने के बाद विजेंदर भी रियो में खेलने की दौड़ में शामिल हो गए हैं, लेकिन यह अब विजेंदर पर निर्भर करेगा कि वह ओलंपिक क्वालीफायर में खेलना चाहते हैं या नहीं।
एडहॉक कमेटी के चेयरमैन किशन नरसी मैरी केलिए आईबा से वाइल्ड कार्ड मांगेंगे। इस पर फैसला जून माह के अंत में होगा। दरअसल आईबा महिलाओं के तीनों भार वर्ग 51, 60 और 75 में एक-एक ट्राईपरटाइट कोटा रखता है। यह उस देश को दिया जाता है जिसका बॉक्सिंग में उल्लेखनीय योगदान होता है, लेकिन उसका कोई भी बॉक्सर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाता है।
इस वाइल्ड कार्ड के लिए काफी देशों की ओर से आवेदन किया जाता है। मैरी वल्र्ड चैंपियनशिप में आईबा की ब्रांड एंबेसडर भी थीं और पांच बार की वल्र्ड चैंपियन भी रही हैं। ऐसे में उन्हें वाइल्ड कार्ड मिलने के अवसर अच्छे दिखाई देते हैं। इसमें एकमात्र रोड़ा देश में बॉक्सिंग फेडरेशन का नहीं होना बन सकता है।