लंदन ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने वाली तीन बार की ओलंपियन हंगरी की शूटर जूफिया सोनका को रविवार की रात इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर एक अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया।
भारतीय कस्टम की ओर से उनकी राइफल के जरूरी कागजात उपलब्ध कराए जाने के बावजूद हंगरी की इस सबसे अनुभवी शूटर को फ्लाइट पर बोर्डिंग नहीं करने दी गई। शूटर रात भर एयरपोर्ट पर फंसी रही और सोमवार की सुबह मजबूरन उसे अपनी साथियों के साथ होटल लौटना पड़ा। यही नहीं एयरलाइंस ने शूटर से अतिरिक्त पैसा लेकर उसे अगले दिन फ्लाइट पकड़ने की अनुमति दी है।
रविवार को 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल में जूफिया की जूनियर साथी वेरोनिका मेजर ने स्वर्ण पदक जीता लेकिन वह 20वें स्थान पर रहीं। उन्हें रात में ही हंगरी वापस जाना था, लेकिन उनकी राइफल के जरूरी कागजात रेंज पर ही छूट गए।
एयरलाइंस ने जब उनसे राइफल के कागज मांगे तो उन्हें इनके रेंज पर छूटने का पता लगा। उन्होंने इसके बाद भारतीय कस्टम अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई। एनआरएआई और कस्टम ने मिलकर जूफिया की पूरी मदद की और आने के दौरान जो उन्हें राइफल के कागज उपलब्ध कराए थे उन्हें निकालकर एयरलाइंस को सौंप दिया।
एक कस्टम अधिकारी के मुताबिक जूफिया को इन कागजातों पर आसानी से फ्लाइट में बोर्डिंग कराई जा सकती थी। लेकिन उनकी काफी कोशिशों के बावजूद ऐसा नहीं किया गया। अधिकारी के मुताबिक जूफिया रोई भी, लेकिन उनका रवैया नहीं बदला। यहां तक अगले दिन वापस जाने के लिए उनसे भारी भरकम राशि ली गई जिसे जूफिया ने दिया। उन्हें सोमवार की सुबह उनके टीम साथियों के पास भेजा गया।
दूसरे देश के शूटरों ने सौंपे कागज
जूफिया के मुताबिक वह सुबह होटल लौटीं और उन्होंने वापस जाने के लिए अतिरिक्त पैसा भी भरा। उन्हें इस बात का दुख था कि भारतीय अधिकारियों की भरसक मदद के बावजूद एयरलाइंस ने उनकी एक नहीं सुनी। हालांकि अच्छी बात यह रही कि सोमवार को शूटिंग रेंज पर कुछ शूटरों को उनके कागजात मिले जिसे उन्होंने हंगरी टीम को सौंप दिया।