भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने बुधवार को भारतीय मुक्केबाजी संघ (बीएफआई) को अपनी मान्यता दे दी है। इससे पहले खेल की अंतरराष्ट्रीय संस्था (आइबा) ने भी बीएफआई को अपनी मान्यता दे चुकी थी। गौरतलब हो कि आईओए ने कुछ महीने पहले ही भारतीय एमेच्योर मुक्केबाजी संघ (आईएबीएफ) की मान्यता को रद्द कर दिया था।
बता दें कि केंद्रीय खेल मंत्रालय और आइबा से मान्यता पहले ही प्राप्त कर चुके बीएफआई को भारतीय ओलंपिक संघ से मान्यता मिलने के बाद बीएफआई अब आधिकारिक तौर पर देश की राष्ट्रीय मुक्केबाजी संस्था बन गया है।
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इस मामले में बीएफआई के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि ओलंपिक संविधान साफ कहता है कि खेल संघ को अंतरराष्ट्रीय संस्था से मान्यता मिलना जरूरी है। ऐसे में आईओए ने इसी दिशा में आगे बढ़ते हुये बीएफआई को अपनी मान्यता प्रदान की है क्योंकि मुक्केबाजी संघ को पहले ही उसकी अंतरराष्ट्रीय संस्था अपनी मान्यता दे चुका है।
मुक्केबाजी संस्था की मान्यता को लेकर देश में पिछले लंबे समय से ड्रामा चलता रहा है। मुक्केबाजी संस्था के रूप में आईएबीएफ के चुनावों में धांधली के आरोपों के बाद आइबा ने इसकी मान्यता रद्द कर दी थी लेकिन वह काफी समय से वापस मान्यता प्राप्त करने के लिये प्रयास कर रही थी। इसके बाद खेल मंत्रालय ने भी राष्ट्रीय संघ के तौर पर आईएबीएफ की मान्यता को समाप्त कर दिया था। वहीं बीएफआई के चुनाव गत वर्ष आइबा के दिशानिर्देशों में कराये गये थे।