यह समस्या नई नहीं है। खेल संघों की मांग को ध्यान में रख मंत्रालय ने बीते वर्ष डॉक्टरों, फीजियोथेरिपस्ट और मेंटल ट्रेनर का वेतन बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन इसे आज तक लागू नहीं किया जा सका है।
बीएफआई के कार्यकारी निदेशक आरके सचेती का कहना है कि उन्होंने साई से कहा है कि बॉक्सरों के साथ स्तरीय डॉक्टर हर हाल में चाहिए, लेकिन इस वेतन पर अनुभवी डॉक्टर नहीं मिल सकते हैं, इस लिए इनके वेतन में बढ़ोत्तरी की जाए।
साथ ही यह भी कहा है कि सरकारी डॉक्टरों को अनुबंधित करने पर उन्हें कैंप में उतना ही वेतन दिया जाए जितना सरकार देती है। वहीं, साई ने डॉक्टर, फीजियो के वेतन को लेकर बढ़ते दबाव के चलते वेतनमान में संशोधन के प्रस्ताव को आगे बढ़ाया है।