ऐसे में जब सब दरवाजे बंद हो चुके थे अचानक किस्मत ने जोर मारा और लॉटरी लग गई। भारत के 2 और खिलाड़ियों ने रियो ओलंपिक का टिकट कटा लिया है। किस्मत के धनी ये दो पहलवान हैं बबीता फोगाट और रविंदर खत्री।
भारतीय कुश्ती संघ की ओर से अनुशासनहीनता के आरोप में तीसरे ओलंपिक क्वालीफाइंग में खेलने से रोक दी गईं महिला पहलवान बबीता फोगाट की रियो ओलंपिक में खेलने की हसरत पूरी होने जा रही है।
यह करिश्मा नहीं तो और क्या है कि जिस बबीता की रियो में खेलने की सारी उम्मीदें ध्वस्त हो चुकी थीं वही हरियाणा की बलाली गांव की यह पहलवान अब रियो में पदक जीतने की दावेदार बनने जा रही है।
हुआ यूं कि कजाकिस्तान में हुए पहले ओलंपिक क्वालीफायर में बबीता से ऊंचे पायदान पर रहने वाली मंगोलिया की पहलवान सूमिया एरडेनेसिमेग एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर के 53 किलो भार वर्ग में डोप में फंस गई हैं। लिहाजा यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने उनके बाद की स्थान पर रहने वाली बबीता को रियो का टिकट थमा दिया है।
खुशखबरी यहीं खत्म नहीं होती है। ग्रीको रोमन वर्ग के 85 किलोग्राम वर्ग में तीसरे स्थान पर रहने वाले भारतीय पहलवान रविंदर खत्री भी रियो ओलंपिक में भारतीय दल का हिस्सा बनेंगे। यहां भी पहले ओलंपिक क्वालीफायर में उनसे ऊपर रहने वाले किर्गिस्तान के पहलवान झानारबेक केनझिव डोप में पॉजीटीव पाए गए हैं। जिसके चलते रविंदर को रियो ओलंपिक का टिकट थमा दिया गया है।
भारतीय कुश्ती संघ के सहायक सचिव विनोद तोमर के मुताबिक किर्गिस्तान और मंगोलिया के पहलवानों के डोप में पकड़े जाने की सूचना कुश्ती संघ को यूडब्ल्यूडब्ल्यू की ओर से दी गई है। इसके बाद ही रियो में भारतीय दल की ओर से खेले जाने वाले पहलवानों की संख्या अब आठ हो गई है।