प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के लगभग तीन लाख पद खाली हैं और बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों का कहना है कि पद रिक्त ही नहीं हैं।
अफसर टीईटी पास याचियों से कह रहे हैं कि अब विभाग में शिक्षक का कोई पद रिक्त नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से टीईटी पास 68 हजार से अधिक याचियों को नौकरी देने के मामले में विचार करने के निर्देश के बाद भी विभाग पल्ला झाड़ने में लगा है, जबकि आरटीई के अनुसार प्रदेश में लगभग तीन लाख पद खाली हैं।
भारत सरकार की ओर से 2009 में लागू शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के बाद प्रदेश में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का अनुपात ठीक रखने के लिए प्रदेश के 110376 प्राथमिक विद्यालयों में 486182 शिक्षकों की आवश्यकता है।