मर्सिडीस के जर्मन ड्राईवर निको रोसबर्ग ने मोनाको ग्रां प्री में एक दुर्लभ कारनामा करते हुए रेस पर कब्जा जमा लिया।
रोसबर्ग ने दो घंटे 17 मिनट 52.056 सेकेंड में मोनाको ग्रां प्री जीती। रोसबर्ग ने मोनाको में 30 वर्ष बाद अपने विश्व चैंपियन पिता केके की कामयाबी को दोहराया। ऐसा कारनामा करने वाले पहले पिता-पुत्र की जोड़ी है। 1983 में इससे पूर्व निको के पिता केके रोसबर्ग ने यहां पर खिताब जीता था। यह उनके करियर का दूसरा खिताब है। रोसबर्ग ने रविवार को पोल पोजीशन से शुरआत करते हुए जीत हासिल की।
हालांकि फार्मूला वन में एकमात्र भारतीय टीम फोर्स इंडिया के जर्मन रेसर एड्रियन सुतिल ने शानदार ड्राइविंग करते हुए रविवार को मोनाको ग्रां प्री में पांचवां स्थान हासिल किया।
रेड बुल के तीन बार के विश्व चैंपियन जर्मनी के सेबेस्टियन विटली दूसरे और रेड के आस्ट्रेलियाई ड्राईवर मार्क वेबर तीसरे स्थान पर रहे। मर्सीडीस के ब्रिटिश ड्राईवर लुईस डेमिल्टन को चौथा स्थान मिला।
फोर्स इंडिया के सुविल को 78 लैप की इस रेस में पांचवा स्थान मिला जबकि उनके साथी ड्राईवर ब्रिटेन के पाल डि रेस्टा ने नौवां स्थान हासिल किया। इस तरह फोर्स इंडिया के दोनों ड्राईवर इस बार अंक हासिल करने में कामयाब रहे। सुतिल ने आठवें और पाल डि रेस्टा ने 17 वें स्थान से शुरआत की थी।
इस रेस के बाद ड्राइवर पोजीशन में डि रेस्टा के 28 और सुतिल के 16 अंक हो गए हैं। सेबेस्टियन वेटल 107 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं। डि रेस्टा आठवें और सुतिल 11वें स्थान पर हैं।
टीम चैंपियनशिप में रेड बुल (164) पहले, फेरारी (123) दूसरे और लोटस (112) तीसरे स्थान पर है जबकि फोर्स इंडिया (44) पांचवें स्थान पर है।