इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी और एमेच्योर इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (आईबा) की कार्रवाई के बाद अब खेल मंत्रालय ने भारतीय खेल संघों के खिलाफ कड़ाई का चाबुक चला दिया है। खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को स्पोर्ट्स कोड का पालन नहीं करने पर आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया की मान्यता रद्द कर दी है।
साथ ही चुनाव में गड़बड़ियों की शिकायत पर एमेच्योर इंडियन बॉक्सिंग फेडरेशन को निलंबित करते हुए नए चुनाव कराने के लिए 15 दिन का समय दिया है। ऐसा नहीं होने पर बॉक्सिंग फेडरेशन की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। आईबा और खेल मंत्रालय की कार्रवाई के बाद एआईबीएफ चेयरमैन अभय चौटाला बैकफुट पर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि वह चेयरमैन पद छोड़ने को तैयार हैं। साथ ही आईबा अगर अपना ऑब्जर्वर भेजता है तो वह नए चुनाव कराने को भी तैयार हैं। वहीं, एएआई अध्यक्ष विजय मल्होत्रा ने मंत्रालय की इस कार्रवाई को निराधार बताकर इसे मानने से इंकार कर दिया।
केंद्रीय खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि एएआई के चुनाव में आयु और कार्यकाल के नियमों का पालन नहीं हुआ। इसके चलते संघ को दी जा रही वित्तीय सहायताएं रोकी जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों की तैयारियां और उनके दौरे जारी रहेंगे। लेकिन इसकी जिम्मेदारी फेडरेशन की नहीं साई की होगी। अगर एआईबीएफ ने 15 दिन के अंदर चुनाव नहीं कराए तो उनके खिलाफ भी यही कार्रवाई होगी। खेल मंत्री ने कहा कि आईबा के प्रतिबंध से खिलाड़ियों का नुकसान न हो इसके लिए मंत्रालय उनसे बात कर रहा है।
साथ ही उनसे प्रार्थना कर रहा है कि फौरी इंतजाम कर एडहॉक कमेटी बिठाई जाए। इसकी कमान खिलाड़ियों के हाथ में हो। वहीं, आईबा का प्रतिबंध लंबा खिचा तो बॉक्सरों का नुकसान होने की उम्मीद है। फेडरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक भारत को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के आमंत्रण नहीं मिलेंगे। कुछ माह पूर्व आईबा से प्रतिबंधित थाईलैंड के साथ यही हुआ था। हालांकि आर्मेनिया में खेली जा रही यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शुक्रवार को पदक जीतने वाले तीनों बॉक्सरों की मेडल सेरेमनी में भारतीय ध्वज ही ऊपर उठाया गया। लेकिन आगे ऐसा होने की उम्मीद नहीं है। बॉक्सरों को आईबा के झंडे तले खेलना होगा।