इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन पर पुरानी बॉडी का ही कब्जा रहेगा। उनकी नजरों में अभी भी विजय मल्होत्रा कार्यकारी अध्यक्ष और रंधीर सिंह सेक्रेटरी जनरल हैं। लेकिन आईओए भवन पर कब्जा अभय चौटाला की अगुवाई वाली नई बॉडी का है। मामले का हल निकालने के लिए चौटाला शुक्रवार को खेल सचिव पीके देब से भी मिले। लेकिन कोई रास्ता नहीं निकला। वहीं, खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने साफ कर दिया कि मंत्रालय की ओर से नई बॉडी को मान्यता नहीं दी गई है।
खेल मंत्री ने यहां तक कहा कि उन्हें तो आधिकारिक रूप से अब तक आईओए की नई कार्यकारिणी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। चुनाव के बाद इस कार्यकारिणी ने मंत्रालय को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं उपलब्ध कराई है। वहीं आईओसी ने नया आदेश जारी कर विवादों को और गहरा दिया है। आईओसी की ओर से यहां तक कह दिया गया है कि जिस तरह नई बॉडी अपनी गतिविधियां अंजाम दे रही है। उससे स्थितियां गंभीर होती जा रही हैं। आईओसी अपना सारा पत्राचार नए चुनाव नहीं होने तक पुरानी बॉडी के साथ ही जारी रखेगा। हालांकि खेल मंत्री ने कहा कि उन्हें आईओसी के इस कदम पर कोई एतराज नहीं है।
वहीं खेल सचिव के साथ मुलाकात में आज पहली बार नए सेक्रेटरी जनरल ललित भनोट भी मौजूद रहे। चौटाला की ओर से कहा गया कि मंत्रालय मामले का हल निकालने के लिए आईओसी से बात करें। सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि आईओसी अगर उनसे बातचीत करती है तो वह जरूर आगे आएंगे।