चौकीदार की बेटी के पंच से गोल्डन जीत निकली है। किन्नौर की विनाक्षी ने पुणे (महाराष्ट्र) में खेलो इंडिया के तहत बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल हिमाचल की झोली में डाला है। उन्होंने फाइनल में हरियाणा की शशि चोपड़ा को हराया। शशि चोपड़ा जूनियर बॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं।
57 किलोग्राम भार वर्ग के खिताबी मुकाबले में विनाक्षी ने शशि को कड़ी चुनौती दी और 3-2 से मात देकर स्वर्ण पदक जीता। किन्नौर जिले की ही स्नेहा नेगी ने भी कांस्य पदक जीता है। कोच ओपिंद्र नेगी ने बताया कि प्रदेश की दोनों खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया।
विनाक्षी ने गोल्ड और स्नेहा ने प्रदेश की झोली में कांस्य पदक डाला है। विनाक्षी के पिता जगन्नाथ सांगला फॉरेस्ट रेस्टहाउस में चौकीदार हैं। बेटी की उपलब्धि से माता-पिता बेहद खुश हैं। कोच ने बताया कि विनाक्षी ने सातवीं कक्षा से बॉक्सिंग खेलना शुरू किया था।
पहली बार पाइका खेलों में 2016 में सिल्वर मेडल जीता। 2018 में यूथ नेशनल में भी रजत पदक प्राप्त किया। 2018 में महाराष्ट्र में अंडर-19 स्कूल नेशनल में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद यूथ एशियन चैंपियनशिप इंडिया कैंप में 4 महीने तक प्रशिक्षण लिया। जनवरी 2019 में खेलो इंडिया में गोल्ड मेडल जीतकर हिमाचल का नाम चकमाया है।
वहीं, के सांगला निवासी स्नेहा नेगी के पिता मनोज कुमार और माता सर्जन देवी भी खुश हैं। कोच श्याम रतन नेगी के प्रोत्साहन पर बॉक्सिंग खेल रहीं स्नेहा ने मोहाली में हुई जूनियर नेशनल में सिल्वर मेडल और अंडर-19 स्कूल खेल में कांस्य पदक जीता है।
खेलो इंडिया में कांस्य पदक जीतकर इस अभियान को जारी रखा है। कोच ओपिंद्र नेगी ने बताया कि विनाक्षी और स्नेहा नेगी आने वाले समय में ओलंपिक में खेलेंगी।