गौतमबुद्धनगर जिले में 16 लाख की आबादी, चार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम, एक निजी स्टेडियम, फिर भी खिलाड़ी चंद हैं। दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाएं खेल सुविधाओं के अभाव में प्रदेश स्तर तक पहुंचते-पहुंचते ही खत्म हो जाती हैं। कहने को तो नोएडा स्टेडियम, ग्रेटर नोएडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सर्फाबाद मिनी स्टेडियम, मलकपुर स्टेडियम मौजूद हैं लेकिन सरकारी स्टेडियम में सुविधाएं नहीं हैं तो अन्य प्राधिकरण के स्टेडियमों में महंगी फीस के चलते खिलाड़ी दिल्ली, मेरठ या गाजियाबाद का रुख करते हैं।
जिले में प्रदेश सरकार की खेल योजना के अंतर्गत एकमात्र मलकपुर स्थित स्टेडियम में खेलों का प्रशिक्षण दिया जाता है। वर्तमान में कबड्डी, जूडो, नेटबॉल और बॉक्सिंग के कोच उपलब्ध कराए गए हैं। विडंबना यह है कि इसमें नेटबॉल या बॉक्सिंग का रिंग न होने पर स्टेडियम में ऐसे ही प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
वहीं, कुश्ती के लिए कोच न मिलने से खिलाड़ी दूसरे स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। स्टेडियम में 80 खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन है, लेकिन लगभग 50 से 60 खिलाड़ी ही प्रशिक्षण लेने आते हैं। मलकपुर स्टेडियम का निर्माण कार्य अभी अधूरा पड़ा हुआ है। सपा शासनकाल में इसका कार्य तेजी से चला था और इंडोर स्टेडियम बनकर तैयार हुआ था, लेकिन पिछले एक वर्ष से निर्माण कार्य रुका पड़ा है।
वहीं, ट्रैक नहीं होने से एथलेक्टिक्स के लिए प्रशिक्षण ही नहीं मिल पाता। मात्र कबड्डी और जूडो में प्रशिक्षण कराया जाता है। अभी हाल ही में दो लड़कों और एक लड़की वर्ग में राज्य स्तर पर चयन हुआ है।