विश्व स्तरीय सुविधाओं के दावों की पोल खोली जाए तो नोएडा स्टेडियम में बना क्रिकेट ग्राउंड पहले नंबर है। इसे आईपीएल मैचों के लिए बनाया जाना था। इसके विपरीत यह मैदान लोकल टूर्नामेंट का केंद्र बन गया है। सुविधाओं के अभाव में स्टेडियम में कोई बड़ा मुकाबला भी नहीं हो रहा। हालांकि बीच में अफगानिस्तान अंडर-19 की टीम द्वारा यहां अभ्यास करने के बाद एक आस जगी थी। लेकिन बात आगे बढ़ी नहीं। इसकी एक वजह समय पर स्टेडियम को सुविधाओं नहीं देना है।
नोएडा स्टेडियम को 20 हजार दर्शक दीर्घा का बनाया गया। इसके निर्माण में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए। यहां आईपीएल, ओडीआई व टेस्ट मुकाबलों को होना था। लेकिन अब तक इसके लिए एक भी प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया। प्राधिकरण अधिकारियों का दावा है कि दिसंबर तक स्टेडियम को पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) को मान्यता के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके साथ ही यहां ड्रेसिंग रूम, कैमरा प्लेटफॉर्म, पिच, दर्शक दीर्घा और मैदान का जायजा लेकर कई बदलाव किए जाएंगे।
वर्तमान में इसकी स्थिति खराब होती जा रही है। स्टेडियम की दीवारों पर किया गया रंग रोगन झड़ चुका है। यही नहीं सीलन के चलते कई स्थानों पर प्लास्टर भी गिर चुका है। ऐसे में इसे आईपीएल जैसे मैचों के लिए तैयार करना प्राधिकरण के लिए बड़ी चुनौती है। इस दिशा में पहला कदम यहां फ्लड लाइट लगाने का होगा। जिसके लिए जल्द ही निविदा आमंत्रित की जाएंगी।
वहीं, दूसरी बड़ी समस्या पार्किंग की भी होगी। यहां स्टेडियम की क्षमता 20 हजार की है। लेकिन पार्किंग के नाम महज 150 से 200 वाहन ही खड़े हो सकते हैं। मानकों को पूरा कर पाना काफी मुश्किल है। यही नहीं मुख्य पिच के अलावा प्रेक्टिस पिच का अभाव भी है।