भारत ने आज तक कभी भी ओलंपिक खेलों की मेजबानी नहीं की है, लेकिन अब एक सरकारी कंपनी ने ग्रेटर नोएडा के जेवर में बनने वाले इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक ऐसा शहर बनाने का प्रस्ताव रखा है जिससे भारत में भी ओलंपिक जैसे खेलों का आयोजन हो सके।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार के सामने ऐसे ही एक शहर का ब्लू प्रिंट पेश किया है गया जो अगले 12-15 साल में बन जाएगा। इसमें कहा गया है कि जेवर के आसपास मौजूद विशाल सरकारी और निजी जमीन इस ग्रीनफील्ड सिटी के लिए उपयुक्त लोकेशन होगी।
नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि, इस शहर में सभी पर्याप्त खेल सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही 10 लाख लोगों के बसने की क्षमता होगी। भारत ने 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया था जो देश का आखिरी बड़ा खेल आयोजन था। भारत इससे पहले दो एशियाई खेलों की मेजबानी कर चुका है। भारत ने कहा है कि वह 2026 यूथ ओलंपिक, 2030 एशियन गेम्स और 2032 ओलंपिक के लिए बोली लगाएगा।
प्रस्तावित शहर फ्रेट कॉरिडोर से 60 किलोमीटर दूर होगा। फ्रेट कॉरिडोर को स्वर्णिम चतुर्भुज के रूप में विकसित किया जाएगा जो दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई को जोड़ेगा। यमुना नदी जो प्रस्तावित शहर के पास बहती है उसे वाटर स्पोर्स्ट्स के लिए विकसित किया जाएगा। ताज महल से इसकी नजदीकी वैश्विक पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र होगी।
अधिकारियों का कहना है कि जहां इस शहर के बनने के दौरान लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा वहीं इसके बन जाने के बाद 2.5 लाख लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार मिलने की संभावना है। अधिकारी ने ये भी बताया कि नया शहर आर्थिक क्रियाओं का हब भी बन सकता है और कुछ केंद्रीय दफ्तर वहां शिफ्ट किए जा सकते हैं जिससे दिल्ली का भार कुछ कम किया जा सके।