पांडवनगर निवासी सात वर्षीय निष्ठा त्यागी खेलने वाली उम्र में शतरंज के बड़े-बड़े खिलाड़ियों को मात दे रही है। शतरंज की चालों से निष्ठा सीनियर खिलाड़ियों को भी उलझा रही है। जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपना जलवा बिखेर कर वह शतरंज मेें कई महत्वपूर्ण पदक अपने नाम कर चुकी है
2016 में अंडर-7 वर्ग स्टेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक।
2017 में अंडर-14 वर्ग मेें जिला स्तर पर रजत पदक।
2017 में अंडर-9 वर्ग में जिला स्तर पर स्वर्ण पदक।
2017 में खेल चेतना मेले में अंडर-9 वर्ग में स्वर्ण पदक।
2017 में ओपन सीनियर राज्य प्रतियोगिता इलाबाद में प्रतिभाग।
2018 में सोनीपत में सीनियर ओपन नेशनल में प्रतिभाग।
2018 में द्वितीय खेल चेतना मेले में अंडर-7 में स्वर्ण पदक।
2018 में सीबीएसई नॉर्थ जोन में अंडर-19 वर्ग में कांस्य पदक।
2018 में डीएवी कलस्टर में अंडर-19 में स्वर्ण पदक।
2018 में डीएवी जोनल में अंडर-19 वर्ग में स्वर्ण पदक।
बच्चों को देनी लगती है कोचिंग
पिता विवेक त्यागी ने बताया शतरंज में एकाग्रता की जरूरत होती है। जो छोटे बच्चों के लिए मुश्किल है। लेकिन उनकी बेटी निष्ठा शतरंज को बड़ी एकाग्रता और धैर्य से खेलती है। कई बार वो पिता से कोचिंग ले रहे बच्चों को शतरंज सिखाना शुरू कर देती है।
पिता ने बताया निष्ठा वर्तमान में दिल्ली में डीएवी इंटर स्कूल के नेशनल गेम्स में खेल रही है। वो अंडर-19 बालिका वर्ग टीम की ओर से प्रतिभाग कर रही है। यहां वो कई बड़े खिलाड़ियों को मात दे चुकी है। अगले साल जनवरी में निष्ठा असोम में आयोजित एसजीएफआई अंडर-17 वर्ग में प्रतिभाग करेगी। निष्ठा का सपना है वो एक दिन शतरंज में देश का प्रतिनिधित्व करें। विश्नाथन आनंद को आदर्श मानते हुए खेलोें में आगे बढ़ रही है।
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