खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार लाहौल घाटी में पहला हाई एल्टीट्यूड स्टेडियम का निर्माण करेगी। इसके लिए जल्द सर्वे शुरू किया जाएगा। सिस्सू झील के पास इको टूरिज्म पार्क बनाया जाएगा। जिस्पा में लाहौल टूरिज्म फेस्टिवल के शुभारंभ पर वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने यह घोषणा की। ठाकुर ने कहा कि लाहौल-स्पीति पर्यटन की लिहाज से अछूता रहा है। घाटी में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। सरकार लाहौल-स्पीति में एडवेंचर टूरिज्म को विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार करेगी।
रोहतांग टनल बनने के बाद लाहौल-स्पीति में पर्यटन कारोबार निश्चित तौर पर फलेगा। इसके लिए अभी से तैयारी करनी होगी। गोविंद ठाकुर ने कहा कि लाहौल घाटी में अपनी तरह का पहला हाई एल्टीट्यूड स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। हाई एल्टीट्यूड स्टेडियम के निर्माण से लाहौल-स्पीति के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में अपना दमखम दिखाने का मौका मिलेगा। अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान की तर्ज पर लाहौल के जिस्पा में भी साहसिक खेलों की ट्रेनिंग दी जाएगी। मंच से वन मंत्री ने लाहौल में इमारती लकड़ी के कोटे को भी बढ़ाने का एलान किया है।
इससे पहले लाहौल स्पीति इको टूरिज्म सोसाइटी के चेयरमैन ने वन मंत्री के समक्ष लाहौल स्पीति से जुड़े कई मांगें रखीं। गोविंद ठाकुर ने फेस्टिवल की पत्रिका के लिए 1 लाख और उत्सव के सफल आयोजन के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा की। लाहौल इको फेस्टिवल के शुभारंभ में परिवहन निगम के एमडी रोहन ठाकुर, एसडीएम केलांग अमर नेगी, पीओ आईटीडीपी स्मृतिका नेगी, टीएससी सदस्य पुष्पा देवी, अधिशाषी अभियंता बिजली बोर्ड विक्रम राणा, आरएम मंगल मनेपा, मनाली नगर परिषद की पूर्व पार्षद चंद्रा ठाकुर, एसडीओ लोनिवि किशन मौजूद रहे।