महिला बॉक्सिंग ट्रायल के लिए सिर्फ एक खिलाड़ी पहुंचीं
वहीं दूसरी ओर राज्य स्तरीय सीनियर महिला बॉक्सिंग प्रतियोगिता के लिए भी जिला स्तरीय टीम का चयन किया जाना था, लेकिन शाम तक केवल एक ही महिला खिलाड़ी ट्रायल के लिए स्टेडियम पहुंचीं। विभाग की ओर से इसके लिए नियुक्त कोच लंबे समय से स्टेडियम आए ही नहीं।
कोच के अनियमित होने के कारण अब खिलाड़ी भी नहीं आ रहे हैं। इसके साथ ही मुकाबले व अभ्यास के प्रयोग में आने वाली लाखों की बॉक्सिंग रिंग खुले में पड़ी रहने के कारण पूरी तरह से जंग खा चुकी है और चार साल बाद भी इसे टीन शेड में शिफ्ट नहीं किया जा सका।
सचिव बोले- 12 से 15 खिलाड़ी हैं पंजीकृत
कबड्डी संघ के सचिव पदमवीर ने बताया कि संघ के पास फिलहाल करीब 12 से 15 खिलाड़ी पंजीकृत हैं। इन्हें हम रोजाना प्रशिक्षण देकर प्रतियोगिताओं के लिए तैयार कर रहे हैं।
सीनियर खिलाड़ी धर्मेंद्र यादव ने कहा कि विभाग की ओर से बॉक्सिंग कोच तो नियुक्त किया गया है, लेकिन वह पिछले कॉफी समय से स्टेडियम नहीं आ रहे हैं। सीनियर खिलाड़ी व एनआईओएस कोच होने की वजह से फिलहाल खिलाड़ियों का नुकसान न हो, इसलिए मुझे जिम्मेदारी दी गई है।
आरएसओ जितेंद्र यादव ने कहा कि बॉक्सिंग कोच को न आने पर लगातार पत्र भेजा जा रहा है। फिलहाल में खिलाड़ियों का और नुकसान न हो इसके लिए सीनियर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।