हिमाचल के बॉक्सिंग किंग आशीष चौधरी का विजय अभियान लगातार जारी है। एक के बाद एक मेडल जीतकर आशीष ने देश का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने दूसरे इंडियन ओपन इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भारत को सिल्वर मेडल दिलाया है।
आशीष ने फाइनल में जगह बना ली थी, लेकिन आंख पर गहरी चोट लगने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें फाइनल खेलने से मना कर दिया। इससे उन्हें सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा।
आशीष के कोच नरेश वर्मा ने बताया कि गुवाहाटी में चल रहे दूसरे इंडियन ओपन इंटरनेशनल टूर्नामेंट में आशीष ने अपने पहले मैच में अर्जेंटीना के खिलाड़ी को 3-2 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसके बाद सेमीफाइनल में थाईलैंड के खिलाड़ी को 4-1 से हराकर फाइनल में पहुंचे।
सेमीफाइनल में आंख पर चोट लगने की वजह से आशीष चौधरी फाइनल नहीं खेल पाए और गोल्ड मेडल से चूक गए। उन्हें सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। सुंदरनगर के जरल गांव से संबंध रखने वाले आशीष चौधरी पिछले 10 वर्ष से बॉक्सिंग में नाम कमा रहे हैं।
हाल ही में भारत की तरफ से खेलते हुए आशीष ने एशियन चैंपियनशिप में देश को सिल्वर मेडल दिलाया था। वह मौजूदा समय में मंडी जिले के धर्मपुर में तहसील वेलफेयर ऑफिसर के पद पर सेवाएं दे रहे हैं।
आशीष की इस उपलब्धि से प्रदेश सहित परिवार के सदस्यों में खुशी की लहर है। उन्होंने इस जीत का श्रेय प्रदेश बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष राजेश भंडारी, उपाध्यक्ष सुरेंद्र शांडिल, माता-पिता और कोच नरेश वर्मा को दिया है।