जबकि ओवर ऑल में उनकी महिंद्रा टीम दूसरे स्थान पर रही। अजयवीर गिल के साथ दिवाकर कालिया भी साथ रहे। आठ अक्तूबर को शुरू हुई यह रैली लेह से कारगिल से दरास और दरास से उंबाला होते हुए फिर कारगिल पहुंची। दूसरे दिन रैली कारगिल से पानीखैर, पनजिला फिर कारगिल पहुंची।
जबकि तीसरे दिन कारगिल से शंखू और दरास पहुंची। चौथे दिन रैली कारगिल से लेह पहुंची। अजयवीर गिल ने अमर उजाला को बताया कि रैली में वह पहले ही बढ़त बनाए हुए थे। यह उनके लिए स्वर्णिम पल है। महज आठ मिनट के अंतर से यह रैली जीती।