इस कारण ही भारतीय महिला हॉकी टीम की सभी आठ खिलाड़ी सरकार से नाराज हो गई हैं। अपनी नाराजगी जताने के लिए सभी खिलाड़ी खेलमंत्री अनिल विज से लेकर सीएम मनोहर लाल तक से मिलीं और उनको बताया गया कि जब मेडल नई खेल नीति से पहले जीता गया है तो उनको नई नीति के आधार पर नौकरी व इनाम क्यों दिया जाएगा। जिस पर सीएम व खेलमंत्री दोनों ने मामले को सुलझाने का केवल आश्वासन दिया है।
केंद्र में पहले ही बी ग्रेड से बेहतर नौकरी पर सात खिलाड़ी
इनमें से सात खिलाड़ी पहले ही केंद्र में नौकरी कर रही हैं जो प्रदेश की बी ग्रेड की नौकरी से बेहतर है। रानी रामपाल व सविता पूनिया साई में कोच है तो नवनीत कौर, नवजौत कौर, दीपिका, मोनिका, नेहा गोयल रेलवे में कार्यरत हैं। इस समय उदिता के पास नौकरी नहीं है। पहले ही केंद्र में बी ग्रेड से बेहतर नौकरी होने के कारण खिलाड़ियों ने प्रदेश में बी ग्रेड पर आने से साफ इंकार कर दिया है।
मैं इस समय रेलवे में नौकरी कर रही हूं, जहां 4600 ग्रेड पे है और अब वहां जल्द ही प्रमोशन मिलने वाला है। ऐसे में उससे नीचे बी ग्रेड की नौकरी पर प्रदेश में नहीं आउंगी और यह खेलमंत्री को भी बोल दिया है। इस तरह भेदभाव किया जा रहा है कि जब मेडल पुरानी खेल नीति के समय जीता है तो नौकरी भी उसके आधार पर मिलनी चाहिए। मोनिका मलिक, हॉकी खिलाड़ी
इस समय रेलवे में नौकरी कर रही हूं और प्रदेश की बी ग्रेड की नौकरी से वह अच्छी है। ऐसे में प्रदेश में बी ग्रेड की नौकरी लेने का कोई मतलब ही नहीं बनता है। सरकार ए ग्रेड की नौकरी देती है तो यहां आ सकते हैं। सरकार गलत कर रही है, क्योंकि पुरानी खेल नीति के आधार पर नौकरी मिलनी चाहिए। नेहा गोयल, हॉकी खिलाड़ी