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Kamalpreet Kaur Ban: डोपिंग के मामले में कमलप्रीत कौर पर तीन साल का प्रतिबंध, स्टेनोजोलोल का उपयोग पड़ा भारी

Thu, 13 Oct 2022 08:23 AM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कमलप्रीत कौर ने तोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन किया था। इसके बाद राष्ट्रमंडल खेलों में भी उनसे पदक की उम्मीद थी, लेकिन डोपिंग के मामले में फंसने के बाद वह राष्ट्रमंडल खेलों में भाग नहीं ले पाई थीं।
 
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कमलप्रीत कौर - फोटो : twitter@WeAreTeamIndia
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विस्तार
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भारत की सबसे बेहतरीन एथलीट में शामिल चक्का फेंक खिलाड़ी कमलप्रीत कौर पर तीन साल का बैन लगाया गया है। एथलेटिक्स इंटीग्रिटी इकाई ने डोपिंग के मामले में उन पर कार्रवाई की है। उनका 29 मार्च 2022 से प्रभावी होगा और मार्च 2025 में खत्म होगा। इसी साल सात मार्च के दिन एआईयू ने पटियाला में कमलप्रीत की जांच की थी और उन्हें स्टेरॉयड पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद इसी साल मई में उन्हें अस्थाई रूप से निलंबित किया गया था।
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कमप्रीत के सैंपल में स्टेनोजोलोल पाया गया था। यह एक विशिष्ट एनाबोलिक स्टेरॉयड है और विश्व एथलेटिक्स के अनुसार यह प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में शामिल है।

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एआईयू ने बयान में कहा ‘‘एआईयू ने भारत की कमलप्रीत कौर को प्रतिबंधित पदार्थ की मौजूदगी/इस्तेमाल करने पर 29 मार्च 2022 से तीन साल के लिए प्रतिबंधित किया है। सात मार्च 2022 के बाद उन्होंने जिन भी प्रतियोगिताओं में भाग लिया है, सभी में उनके नतीजे अमान्य होंगे।’’

कमलप्रीत ने अपने दूसरे सैंपल की जांच कराने से इनकार कर दिया है। एआईयू ने कहा ‘‘11 अप्रैल 2022 को कमलप्रीत ने कहा था कि जब तक खर्च में उनकी सहायता नहीं की जाती तब तक वह बी सैंपल के आकलन या ए नमूने और/या बी नमूने के प्रयोगशाली दस्तावेजीकरण पैकेज की मांग नहीं करेंगी।’’

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कमलप्रीत तोक्यो खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए छठे स्थान पर रहीं थी। उन्होंने पिछले साल तोक्यो खेलों से पहले 65.06 मीटर दूर चक्का फेंक राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने तोक्यो खेलों के दौरान क्वालिफाइंग दौर में दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई थी जहां वह 63.70 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ सातवें स्थान पर रहीं थी। यह किसी भारतीय खिलाड़ी का फील्ड स्पर्धाओं में तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।

छब्बीस साल की कमलप्रीत ने निजी प्रयोगशाला में चार सप्लीमेंट का आकलन कराया था और एक प्रोटीन सप्लीमेंट में ‘स्टेरॉयड के अंश’ मिले थे। उन्हें नई दिल्ली में राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला में प्रोटीन सप्लीमेंट के परीक्षण की स्वीकृति मिली थी जिसमें स्टेनोजोलोल मिला था।

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कमलप्रीत को इसके बाद बुलाया गया और उन्होंने कहा कि वह 10 से 15 फरवरी 2022 के आसपास से ट्रेनिंग के दिनों के दौरान हफ्ते में पांच दिन प्रोटीन सप्लीमेंट ले रहीं थी और उन्होंने डोप टेस्ट से दो दिन पहले भी ऐसा किया। हालांकि, वह यह स्पष्टीकरण नहीं दे पाईं कि उन्हें ये सप्लीमेंट कहां से मिले।

एआईयू ने इसके बाद सात सितंबर को उन्हें नोटिस दिया। कमलप्रीत ने एआईयू से नोटिस मिलने के 20 दिन के भीतर उल्लंघन की बात और साथ ही प्रस्तावित सजा स्वीकार कर ली और उनका प्रतिबंध चार साल से घटाकर तीन साल कर दिया गया।
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