भारतीय हॉकी ने 1998 में बेहतरीन प्रतिभाओं में शामिल रहे राजीव मिश्रा को खो दिया। संदिग्ध परिस्थितियों में वह वाराणसी के सारसौली क्षेत्र स्थित अपने निवास पर मृत पाए गए। वह 46 साल के थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। सूत्रों के अनुसार उनका निधन संभवत: कुछ दिन पहले हो गया था और बदबू आने पर पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने उनके शव को निकाला।
उत्तरी रेलवे की लखनऊ डिवीजन में वाराणसी में चीफ इंस्पेक्टर टिकट के पद पर तैनात राजीव अक्सर अकेले रहते थे। लंदन में 1997 में जूनियर विश्वकप में शानदार प्रदर्शन करने वाले राजीव के एक समय काफी प्रशंसक थे।
उनके बचपन के कोच प्रेमशंकर शुक्ला ने कहा कि राजीव का असमय निधन भारतीय हॉकी के लिए बड़ा झटका है। वह बेहतरीन कौशल के साथ एक असाधारण खिलाड़ी थे। शुक्ला ही उन्हें 13 साल की उम्र में कोलकाता से वाराणसी लाए थे।