जेरेमी लालरिनुंगा ने देश को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत को पांचवां पदक मिल चुका है। 19 साल के जेरेमी लालरिनुंगा ने वेटलिफ्टिंग में पांचवां पदक दिलाया है। जेरेमी ने 67 किलोग्राम भारवर्ग में 300 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने स्नैच में कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाते हुए 140 किलोग्राम वजन उठाया। पहले प्रयास में उन्होंने 136 किलोग्राम वजन उठाया था। दूसरे प्रयास में इसे और बेहतर करते हुए उन्होंने 140 किलोग्राम वजन उठाया। हालांकि, तीसरे प्रयास में वो 143 किलोग्राम वजन उठाने में असफल रहे। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले प्रयास में 154 किलोग्राम वजन उठाया। इस दौरान वो चोटिल हो गए, लेकिन हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में 160 किलोग्राम वजन उठाया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 165 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे और उनकी कुहनी में भी चोट लग गई।
उनका मुकाबला समोआ के वैपावा नेवो के साथ था। वैपावा ने स्नैच में 127 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 166 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक जीता। अपने आखिरी प्रयास में उन्होंने गोल्ड जीतने की चाहत में 174 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। वहीं, नाइजीरिया के इडिडोंग ने स्नैच में 130 और क्लीन एंड जर्क में 160 किग्रा वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया।
बॉक्सिंग छोड़ वेटलिफ्टिंग में बनाया करियर
जेरेमी ने सिर्फ छह साल की उम्र में अपने पिता के मार्गदर्शन में एक मुक्केबाज के रूप में अपना प्रशिक्षण शुरू कर दिया था। उनके पिता राष्ट्रीय स्तर के बॉक्सर थे। बाद में उन्होंने भारोत्तोलन में अभ्यास करना शुरू किया। मात्र 10 साल की उम्र में उन्होंने वजन उठाना शुरू कर दिया था। इसके बाद जेरेमी ने विजय शर्मा से प्रशिक्षण लिया और बाद में उन्होंने पुणे के आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग शुरू की। 2016 में, उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया।
15 साल की उम्र में बनाया था रिकॉर्ड
जेरेमी लालरिनुंगा ने राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप में पुरूषों के 67 किग्रा वर्ग में 305 किग्रा वजन उठाया था और स्वर्ण पदक जीता था। वो युवा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय हैं। उन्होंने 2018 युवा ओलंपिक में पुरूषों की 62 किग्रा स्पर्धा में 274 किग्रा (124 किग्रा + 150 किग्रा) वजन उठाया था और स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उस समय उनकी उम्र महज 15 साल थी। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 306 किग्रा (140 किग्रा + 166 किग्रा) है।
मिजोरम के रहने वाले लालरिनुंगा टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में विफल रहे थे। अब पेरिस ओलंपिक में उनसे पदक की उम्मीद होगी।