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Wrestling Controversy: पीएम आवास के बाहर फुटपाथ पर पद्म श्री रखकर लौटे बजरंग, खेल मंत्रालय ने कहा- यह उनका...

Fri, 22 Dec 2023 07:55 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कुश्ती संघ के नए अध्यक्ष के विरोध में बजरंग पूनिया ने अपने पद्म श्री सम्मान लौटा दिया है। इसके बाद खेल मंत्रालय ने कहा है कि यह उनका निजी फैसला है और उनको इस पर विचार करने के लिए कहा जाएगा।
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बजरंग पूनिया ने अपना पद्म सम्मान लौटा दिया है - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव होने के बाद नए अध्यक्ष संजय सिंह का विरोध शुरू हो गया है। बृजभूषण शरण सिंह का विरोध करने वाले पहलवान चुनाव के नतीजों से बेहद निराश हैं। साक्षी मलिक के कुश्ती छोड़ने के बाद बजरंग पूनिया ने अपना पद्म श्री पुरस्कार लौटा दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पूनिया को प्रधानमंत्री आवास के सामने फुटपाथ पर पद्म श्री पुरस्कार रखकर लौटते देखा जा सकता है।
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बजरंग ने सोशल मीडिया पर अपना पद्म पुरस्कार लौटाने का एलान करने के बाद प्रधानमंत्री से मिलने की कोशिश की थी। वह उनके आवास पर भी पहुंचे थे, लेकिन उनके पास प्रधानमंत्री से मिलने की अनुमति नहीं थी। (प्रधानमंत्री से मिलने के लिए पहले से अनुमति लेना अनिवार्य है) इस वजह से पुलिस ने उन्हें कर्तव्य पथ पर ही रोक लिया। ऐसे में उन्होंने फुटपाथ पर ही अपना पद्म श्री सम्मान रख दिया।



बजरंग को प्रधानमंत्री आवास तक जाने से रोकने वाले पुलिस अधिकारी और बजरंग के बीच बातचीत का वीडियो भी सामने आया है। इसमें उन्होंने कहा कि अगर आप प्रधानमंत्री तक यह सम्मान पहुंचा सकते हैं तो पहुंचा दीजिए। पुलिस अधिकारी इसके लिए राजी नहीं हुए। इसके बाद बजरंग ने कहा कि जो भी व्यक्ति यह पद्म पुरस्कार प्रधानमंत्री तक पहुंचा सकता है। वह उसे यह सम्मान दे देंगे।
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बजरंग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने उस खत की फोटो भी शेयर की है, जो उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा है। इस खत में उन्होंने कहा है कि महिला पहलवानों के अपमानित होने के बाद वह यह सम्मान लेकर नहीं जी सकते। इसी वजह से वह इसे लौटा रहे हैं। 



अब इस मामले पर खेल मंत्रालय का बयान सामने आ गया है। मंत्रालय ने कहा है कि यह उनका निजी फैसला है, लेकिन उनसे इस फैसले पर फिर से विचार करने और इसे पलटने के लिए कहा जाएगा। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से आयोजित कराए गए हैं।
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