भारतीय महिला गोल्फर अदिति अशोक ने शानदार प्रदर्शन किया था और बेहद करीब आकर पदस से चूक गई थीं। अब वह बुधवार से शुरू हो रही पेरिस ओलंपिक की महिला गोल्फ स्पर्धा में पदक जीतने के लिए प्रतिबद्ध होंगी। दूसरी ओर, दीक्षा डागर भी कार दुर्घटना से उबरकर चुनौती पेश करने के लिए तैयार हैं। दो बार की ओलंपियन अदिति टोक्यो में तीन साल पहले पदक जीतने के बेहद करीब पहुंची थीं लेकिन अंतत: चौथे स्थान पर रहीं और इस बार इसकी भरपाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
दीक्षा कार दुर्घटना में बाल-बाल बच गई। उनकी मां को हालांकि चोटिल होने के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। झज्जर की इस 23 वर्षीय खिलाड़ी ने हालांकि सभी समस्याओं को दरकिनार कर दिया है और ओलंपिक में सफलता के लिए तैयार हैं। प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही 60 में से 15 खिलाड़ी 2016 में गोल्फ की ओलंपिक में वापसी के बाद से सभी खेलों का हिस्सा रही हैं और अदिति उनमें से एक है। दीक्षा दूसरी बार ओलंपिक में शिरकत कर रही हैं।
महिला गोल्फ में 33 देशों की 60 खिलाड़ी हिस्सा ले रही हैं। दुनिया की शीर्ष 15 खिलाड़ियों में से 12 यहां प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। नंबर एक रैंकिंग हासिल कर चुकी छह खिलाड़ी जिन यंग को (कोरिया), लिडिया को (न्यूजीलैंड), नेली कोर्डा (अमेरिका), अथया थिटिकुल (थाईलैंड), लिलिया वू (अमेरिका) और रुओनिंग यिन (चीन) पदक की दावेदारों में शामिल हैं।