दिल्ली हाईकोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, जिसमें नरिंदर बत्रा पर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के प्रमुख के रूप काम करने पर रोक लगी है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने बत्रा की अपील पर नोटिस जारी किया है।
बत्रा ने एकल पीठ के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसे 24 जून को पूर्व हॉकी ओलंपियन असलम शेर खान की अवमानना याचिका पर पारित किया था। पीठ ने बत्रा के वकील से पूछा कि अपील कैसे बनाए रखने योग्य है। इस मामले में केंद्र सरकार और असलम खान को नोटिस जारी कर 26 जुलाई को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट की एकल पीठ ने नरिंदर बत्रा को आईओए प्रमुख के रूप में किसी भी तरह का काम करने की रोक लगा दी थी। अवमानना मामले की सुनवाई 3 अगस्त को होनी है। बत्रा हॉकी इंडिया के आजीवन सदस्य के आधार पर 2017 में आईओए के अध्यक्ष बने थे। हाईकोर्ट ने 25 मई को बत्रा को आईओए अध्यक्ष पद से हटा दिया था।
इसके साथ ही वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल खन्ना को कार्यवाहक अध्यक्ष बनने का आदेश जारी किया था। बत्रा इसके बाद भी आईओए में काम कर रहे थे। इसके खिलाफ असलम खान ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने बत्रा को आईओए प्रमुख के रूप में काम नहीं करने का आदेश दिया था। एजेंसी