अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ
गोकुलम केरल एफसी ने ट्वीट किया- हमारे क्लब की 23 महिला खिलाड़ी अब ताशकंद में फंसी हुई हैं, हमारी कोई गलती नहीं है। हम एएफसी महिला चैंपियनशिप में भाग लेना चाहते हैं। इसलिए पीएम मोदी और अनुराग ठाकुर से मामले में तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध करते हैं। इसके साथ ही गोकुलम केरल एफसी ने एक लेटर भी पोस्ट किया है।
इसमें उन्होंने बताया- हमारी टीम 16 अगस्त, 2022 को कोझीकोड से ताशकंद, उज्बेकिस्तान पहुंची। ताशकंद पहुंचने पर हमने विभिन्न मीडिया आउटलेट्स के माध्यम से सुना कि फीफा ने एआईएफएफ पर प्रतिबंध लगा दिया है और इसलिए क्लब अब महिला चैंपियनशिप में खेलने की हकदार नहीं है। साथ ही क्लब निलंबन हटने तक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : PTI (फाइल फोटो)
गोकुलम एफसी ने लिखा- हम पीएमओ के अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने और फीफा प्रतिबंध को रद्द करने के लिए सभी प्रयास करने का अनुरोध करते हैं। ताकि हमें एएफसी महिला क्लब चैंपियनशिप में भारत के चैंपियन क्लब के रूप में शामिल होने देने का अवसर मिले।
खेल मंत्री अनुराग ठाकुर
- फोटो : एएनआई
गोकुलम एफसी ने लिखा- हमारे प्रधानमंत्री का सपना भारत को एक सुपर पावर बनाना और दुनिया में नंबर एक बनाना है। हमारा छोटा सा प्रयास है कि हम भारत में महिला फुटबॉल को बढ़ावा दें और इसलिए हम 2019 से भारत के चैंपियन क्लब बनकर उभरे हैं। इस तरह के बैन से भारत को एशिया में नंबर एक महिला फुटबॉल राष्ट्र बनाने की हमारी कोशिश में अड़चन बन सकता है।
फीफा ने एआईएफएफ को सस्पेंड किया
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, विश्व फुटबॉल संचालन संस्था फीफा (FIFA) ने तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के कारण भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ/AIFF) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। फीफा के नियमों और संविधान के गंभीर उल्लंघन की वजह से फीफा ने यह फैसला लिया। भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) को अपने 85 साल के इतिहास में पहली बार फीफा से निलंबन झेलना पड़ा है। जब तक यह बैन जारी रहेगा तब तक भारत की महिला और पुरुष फुटबॉल टीम कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल सकेगी। वहीं, किसी दूसरे देश की लीग में भी भारतीय खिलाड़ी हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
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