धरने पर बैठीं पहलवान साक्षी मलिक और विनेश फोगाट
- फोटो : सोशल मीडिया
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ साक्ष्यों के साथ यौन शोषण की शिकायत करने जा रहीं जूनियर और सीनियर राष्ट्रीय शिविर में शामिल रहीं महिला पहलवान हैं। ये पहलवान लखनऊ के लगे शिविर में शामिल रही हैं। इस्तीफा नहीं देने की स्थिति में शिकायत के लिए साक्ष्यों के साथ सामने आने वाली महिला पहलवानों की संख्या बढ़ सकती है।
हरियाणा के अलावा दूसरे राज्यों की भी हैं पहलवान
शिकायत के लिए आगे आने वाली पहलवानों में सिर्फ हरियाणा की ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों से भी संबंधित हैं। धरने पर बैठीं विनेश ने तो यहां तक कहा कि यूपी की कई लड़कियां पहलवानी करनी आईं, लेकिन छोटी उम्र में ही उन्होंने पहलवानी छोड़ दी। इसका कारण क्या है? विनेश ने पांच से छह महिला पहलवानों के साक्ष्यों के साथ सामने आने का दावा किया है।
धरने का प्रभाव कुश्ती संघ के चुनाव पर
पहलवानों के धरने का सीधा प्रभाव अगले दो माह में होने वाले भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव पर पड़ने जा रहा है। धरने से पहले की स्थिति में बृजभूषण शरण सिंह के बेटे प्रतीक सिंह का अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा था। बृजभूषण तीन कार्यकाल पूरे करने के चलते अगला चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। कुश्ती संघ के अध्यक्ष की रेस में कांगे्रस सांसद दीपेंदर हुड्डा भी हैं। 2011 में बृजभूषण ने कुश्ती संघ के चुनाव में दीपेंदर हुड्डा को ही हराया था।
चीफ कोच को बदला जाएगा
साई ने महिला पहलवानों के लखनऊ शिविर को बंद कर दिया है। महिला पहलवानों ने शिविर में तैनात चीफ कोच पर भी आरोप लगाए हैं। साई महिला पहलवानों का शिविर लगाने की तैयारी में है। यह शिविर लखनऊ में नहीं लगाए जाने की उम्मीद है। खेल मंत्रालय महिला पहलवानों का शिविर किसी अन्य साई केंद्र में लगाने की सोच रहा है। यह भी तैयारी हो चुकी है कि शिविर में शामिल चीफ कोच को हटाकर किसी अन्य को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
कुश्ती संघ का अब तक नहीं मिला जवाब
खेल मंत्रालय ने पहलवानों के आरोप पर कुश्ती संघ से 72 घंटे के अंदर जवाब मांगा है, लेकिन बृहस्पतिवार को मंत्रालय को जवाब नहीं मिला था। उम्मीद की जा रही है कि शुक्रवार को कुश्ती संघ जवाब दाखिल कर देगा। मंत्रालय का कहना है कि उसकी ओर से तब तक कुश्ती संघ पर कार्रवाई नहीं की जा सकती है जब तक कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज न हो। कुश्ती संघ का जवाब दाखिल होने के बाद इस दिशा में कोई कदम उठाया जाएगा।