लक्ष्मी (46 किग्रा), राधामणि (60 किग्रा), हरनूर (66 किग्रा), ज्योति (75 किग्रा) और अंशिका (80 किग्रा से अधिक) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किए, जबकि चंद्रिका (54 किग्रा) को चीन की मुक्केबाजी से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
भारतीय मुक्केबाजों ने चीन के शिनजियांग में तीसरे बेल्ट एंड रोड अंतरराष्ट्रीय युवा मुक्केबाजी टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सात स्वर्ण सहित कुल 26 पदक जीते। लड़कियों की टीम ने फाइनल में दबदबा कायम करते हुए पांच स्वर्ण, पांच रजत और छह कांस्य पदकों के साथ दबदबा बनाया। लक्ष्मी (46 किग्रा), राधामणि (60 किग्रा), हरनूर (66 किग्रा), ज्योति (75 किग्रा) और अंशिका (80 किग्रा से अधिक) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किए, जबकि चंद्रिका (54 किग्रा) को चीन की मुक्केबाजी से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
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भारतीय मुक्केबाजों के बीच हुए 46 किग्रा, 60 किग्रा, 66 किग्रा और 80 किग्रा से अधिक की श्रेणियों में अतिरिक्त रजत और कांस्य पदक सुनिश्चित हुए। लड़कों के वर्ग में भारत ने दो स्वर्ण, दो रजत और छह कांस्य पदक जीते। फलक (48 किग्रा) और उधम सिंह राघव (54 किग्रा) ने कजाकिस्तान के अपने प्रतिद्वंद्वियों पर शानदार जीत के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि ध्रुव खर्ब (46 किग्रा) और पीयूष (50 किग्रा) को करीबी मुकाबलों के हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
उदय सिंह (46 किग्रा), आदित्य (52 किग्रा), आशीष (54 किग्रा), देवेंद्र चौधरी (75 किग्रा), जयदीप सिंह हंजरा (80 किग्रा) और लोवेन गुलिया (80 किग्रा से अधिक) ने कांस्य पदक जीतकर पदक तालिका में योगदान दिया। भारत ने इस आयोजन में 58 सदस्यीय दल भेजा है जिसमें अंडर 17 वर्ग में 20 लड़के और 20 लड़कियां हैं जबकि साथ में 12 कोच, पांच सहयोगी स्टाफ, एक रेफरी और एक जज हैं।