युवा पिस्टल निशानेबाज राजकंवर सिंह संधू ने शुक्रवार को एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में 25 मीटर सेंटर फायर स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान किया, जबकि पूर्व विश्व चैंपियन अंकुर मित्तल ने डबल ट्रैप में स्वर्ण पदक जीता। भारत ने इस तरह से गैर ओलंपिक स्पर्धाओं में अपना दबदबा जारी रखा है।
महिला डबल ट्रैप में भारत ने किया था क्लीन स्वीप
भारत ने महिला डबल ट्रैप में भी क्लीन स्वीप किया। इसमें अनुष्का भाटी (93), प्रणिल इंगले (89) और हाफिज कॉन्ट्रैक्टर (87) ने शीर्ष तीन स्थान हासिल किए। इस तिकड़ी ने 269 के कुल स्कोर के साथ टीम स्वर्ण पदक भी जीता। 23 साल के संधू ने हमवतन अनुभवी निशानेबाज गुरप्रीत सिंह के साथ कोरिया और ईरान के निशानेबाजों को पछाड़ कर 583 (प्रिसिशन 289, रैपिड 294) अंकों के साथ अपने करियर का सबसे बड़ा पदक जीता। इससे पहले 2018 और 2022 में जूनियर विश्व कप में क्रमशः कांस्य और रजत जीतने वाले संधू का सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह पहला पदक है।
सेना के अनुभवी गुरप्रीत सिंह (579) चौथे स्थान पर रहे जबकि कोरिया के जेक्योन ली (580) और ईरान के जावद फोरोगी (579) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीता। गुरप्रीत के लगातार दूसरे दिन अच्छे प्रदर्शन से भारत ने टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता उन्होंने इससे पहले गुरुवार को 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतने और टीम वर्ग में भी देश को शीर्ष पोडियम स्थान दिलाने में मदद की थी।
रियो ओलंपिक (2016) खेलों में रैपिड-फायर पिस्टल फाइनल में जगह बनाने के करीब पहुंच चुके इस ओलंपिक खिलाड़ी का प्रिसिशन और रैपिड चरण का संयुक्त स्कोर 579 था। गुरप्रीत, संधू (583) और अंकुर (571) की तिकड़ी ने 1733 अंक के साथ दबदबा बनाते हुए टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक हासिल किया। वियतनाम (1720) और ईरान (1700) ने इस स्पर्धा में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीता।