भारत की झिली डालाबेहरा ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में नया कीर्तिमान रचा है। उन्होंने इस टूर्नामेंट में तीन मेडल अपने नाम किए। इसमें एक गोल्ड और दो सिल्वर मेडल शामिल है। डालाबेहरा ने गोल्ड मेडल महिला भारोत्तोलन के 49 किलोवर्ग में स्नैच कैटेगरी में जीता। वहीं, सिल्वर उन्हें इसी भार वर्ग के क्लीन एंड जर्क कैटेगरी और टोटल कैटेगरी में मिला।
साई ने भी डालाबेहरा को दी बधाई
डालाबेहरा को भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने मेडल जीतने के लिए बधाई भी दी है। साथ ही उनकी तस्वीर भी शेयर की है। 22 साल की ओडिशा के मयूरभंज जिले की रहने वाली वेटलिफ्टर डालाबेहरा 49 किलोग्राम वर्ग में दूसरे स्थान पर रहीं। यह वही भारवर्ग है जिसमें मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता था। मीराबाई यह टूर्नामेंट नहीं खेल रही हैं, क्योंकि वह ब्रेक पर हैं।
डालाबेहरा ने 167 किग्रा वजन उठाया
डालाबेहरा ने कुल 167 किलोग्राम वजन उठाया। उन्होंने 73 किलोग्राम वजन स्नैच में और 94 किलोग्राम वजन क्लीन एंड जर्क कैटेगरी में उठाया। हालांकि, वह नाइजीरिया की पीटर स्टेला किंग्सले से पीछे रहीं। स्टेला ने कुल 168 किलोग्राम वजन उठाया। उन्होंने 72 किलो स्नैच और 96 किलो वजन क्लीन एंड जर्क कैटेगरी में उठाया।
49 किग्रा वर्ग में हिस्सा लिया
डालाबेहरा एशियन चैंपियन और विश्व जूनियर चैंपियनशिप में 45 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक विजेता रह चुकी हैं। 45 किलोग्राम भारवर्ग को ओलंपिक में शामिल नहीं किया जाता है। इसलिए डालाबेहरा ने 49 किलोग्राम में हिस्सा लिया और इतिहास रच दिया। 167 किलोग्राम भार डालाबेहरा का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है।