इंडिया ओपन सुपर सीरीज के फाइनल इस बार भारतीयों के बिना होंगे। साइना नेहवाल की हार के बाद भारतीय चुनौती पीवी सिंधू और आनंद पवार तक सिमट कर रह गई थी। लेकिन ये दोनों ही शटलर शनिवार को सीरी फोर्ट ऑडीटोरियम में करिश्मा नहीं दिखा सके।
विश्व बैडमिंटन की नई सनसनी थाईलैंड की रत्नाचोक इंतेनॉन ने युवा सिंधू को आसानी से हरा दिया। वहीं अप्रत्याशित रूप से सेमीफाइनल में पहुंचे आनंद पवार छठी सीड जापानी केनिची टागो को चुनौती पेश नहीं कर सके। टागो फाइनल में वर्ल्ड नंबर वन मलयेशियाई ली चांग वेई से भिड़ेंगे।
सही मायनों में रत्नाचोक भारतीयों के लिए बुरा सपना बन गई हैं। साइना के पास उनके कैरियर में ऑल इंग्लैंड जीतने का जब सबसे सुनहरा मौका था तो रत्नाचोक ही उनके रास्ते का कांटा बनीं। यही काम उन्होंने आज सिंधू के साथ किया।
सिंधू जब अपने पहले सुपर सीरीज खिताब का सपना देख रही थीं तो रत्नाचोक ने उन्हें 21-12, 21-6 से धो दिया। सिंधू को इस बात का दुख भी रहा कि इतने जबरदस्त समर्थन के बावजूद वह अपना सही खेल नहीं दिखा सकीं।
सिंधू ने कहा उन्होंने पूरे मैच में एक नहीं अनगिनत बेजा गलतियां कीं। उनके टॉस कभी सही नहीं रहे। उन्हें दर्शकों के लिए दुख है लेकिन इस बात की खुशी भी है कि वह सुपर सीरीज के सेमीफाइनल तक पहुंचीं।
टागो ने पवार को 21-16, 21-11 से परास्त किया। पवार ने कहा कि आज कोर्ट की परिस्थितियां बदली हुई थीं। उन्होंने स्वीकार किया इतने बड़े स्तर पर बने रहने के लिए अच्छे फिटनेस स्तर की जरूरत है जिसे वह पाने की कोशिश करेंगे।
इससे पहले ली चांग वेई ने थाईलैंड के बोंसेक पोंसाना को कड़े मुकाबले में 21-11, 18-21, 21-8 से परास्त किया। ली यहां पिछली बार फाइनल में मिली हार को एक बार जीत में बदलने की कोशिश करेंगे।
वहीं रत्नाचोक फाइनल में दूसरी सीड वेटरन जर्मनी की जूलियन शेंक से भिड़ेंगी। जिन्होंने सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की एस्प्रिला युसवंधारी को 21-18, 21-18 से पराजित किया।
"मैंने आज अच्छा नहीं खेला। इतने जबरदस्त समर्थन के बावजूद मैं अच्छा खेल नहीं दिखा सकी। मैंने पूरे मैच में एक नहीं अनगिनत बेजा गलतियां की। उनके टॉस कभी सही नहीं रहे। उन्हें दर्शकों के लिए दुख है लेकिन मुझे इस बात की खुशी है कि मैं सुपर सीरीज के सेमीफाइनल तक पहुंची।"
- पीवी सिंधू