भारतीय बैडमिंटन की नई सनसनी पीवी सिंधू इंडिया ओपन सुपर सीरीज के क्वार्टर फाइनल में जापानी यूई हाशीमोतो के सामने जब उतरीं तो उन्हें कई हिसाब बराबर करने थे।
एक तो पिछले ही राउंड में टॉप सीड साइना नेहवाल की हार का बदला तो दूसरी ओर इसी साल स्विस ओपन में इस जापानी से मिली हार की कसक।
कोच गोपीचंद जिस तरह कोर्ट के बाहर सिंधू को हौसला दे रहे थे, उससे यह काम आसान नहीं लग रहा था। लेकिन अपने 18वें जन्म दिन से महज दो माह दूर खड़ी इस हैदराबादी बाला ने हाशीमोतो को 21-16, 21-16 से हराकर न सिर्फ सेमीफाइनल में प्रवेश किया बल्कि साइना के हार के गम को भी कम कर दिया।
सिंधू ने जिस तरह शुरुआत की उससे लगा हाशीमोतो उनके आगे कहीं नहीं ठहरेंगी। जोरदार स्मैश और कलाई के इस्तेमाल से लगाए गए उनके क्रासकोर्ट ड्राप शॉट बता रहे थे कि वह देश में साइना के एकाधिकार के लिए बहुत जल्द चुनौती बनने जा रही हैं।
19-7 की बढ़त पर हाशीमोतो ने लगातार नौ अंक जुटाकर सिंधू को परेशान किया। लेकिन गोपी की सलाह काम आई। दूसरे गेम में जापानी खास चुनौती पेश नहीं कर सकीं। चाइना मास्टर्स के बाद सिंधू का यह दूसरा सुपर सीरीज सेमीफाइनल है। लेकिन उनकी राह यहां आसान नहीं है।
उनके सामने विश्व बैडमिंटन की नई सनसनी थाईलैंड की रत्नाचोक इंतेनॉन होंगी, जिन्होंने भारत की अरुंधती पंतवाने की चुनौती ध्वस्त की। सिंधू ने कहा वह यह जीत पाकर बेहद खुश हैं। हालांकि साइना का मैच उन्होंने नहीं देखा था लेकिन वह उनकी हार से दुखी थीं। उन्हें पूरी उम्मीद थी कि अंतिम आठ में वह साइना से भिड़ेंगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सिंधू के अलावा दूसरे भारतीय खास नहीं कर सके। एचएस प्रणॉय को टॉप सीड मलेशियाई ली चांग वेई ने 21-14, 21-19 से व छठी सीड जापानी केनिची टागो ने बी साई परणीत को तीन गेमों के संघर्ष में 21-17, 19-21, 21-11 से हराया। थाईलैंड के बोंसेक पोंसाना ने गुरूसाईदत्त को 21-12, 11-21, 21-12 से हराया। हालांकि अजय जयराम व आनंद पवार के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल से एक भारतीय का सेमीफाइनल में पहुंचना तय है।