खेल मंत्रालय ने आखिरकार आईबा की लाइन पर चलते हुए इंडियन बॉक्सिंग फेडरेशन की मान्यता को खत्म कर दिया है। अब अभिषेक मटोरिया की अगुवाई वाली फेडरेशन की वापसी की कोई उम्मीद नहीं रह गई है।
खेल मंत्रालय की नए सिरे से मान्यता के लिए अब फेडरेशन के नए चुनाव हर हालत में कराने होंगे। हालांकि मंत्रालय ने यह भी साफ कर दिया है कि फेडरेशन की मान्यता खत्म करने का असर बॉक्सरों पर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उनकी तैयारियां और विदेशी दौरे साई के जरिए जारी रहेंगे।
लेकिन मंत्रालय की इस कार्रवाई के बाद फेडरेशन को दी जाने वाली सारी आर्थिक मदद पूरी तरह बंद रहेगी। इनमें नेशनल चैंपियनशिप के लिए दी जाने वाली मदद भी शामिल है।
सच्चाई यह है कि मंत्रालय ने यह कदम काफी देर से उठाया। मंत्रालय की ओर से फेडरेशन के चुनाव में गड़बड़ियों की शिकायत मिलने के बाद उसे दिसंबर 2012 में निलंबित किया गया था।
साथ ही उस दौरान कहा गया था कि 15 दिनों के अंदर चुनाव की प्रक्रिया नहीं शुरू की गई तो उसकी मान्यता खत्म कर दी जाएगी। लेकिन मंत्रालय के यह 15 दिन पूरे 15 माह बाद आए हैं। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि आईबा की कार्रवाई के बाद ही अब मान्यता खत्म की गई है।
वहीं मंत्रालय के इस कदम की आईओए को कोई जानकारी नहीं है। आईओए के एक अधिकारी के मुताबिक उनकी बैठक दो दिन बाद होनी है। जिसमें बॉक्सिंग का मामला रखा जाना है। बैठक में नई एडहॉक बॉडी बनाए जाने का प्रस्ताव है। ऐसे में उन्हें आधिकारिक रूप से इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी।