फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hokato Sema Story: जंग के मैदान से लेकर पैरालंपिक कांस्य पदक तक, पढ़ें होकातो सेमा के संघर्ष की कहानी

Sat, 07 Sep 2024 03:16 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

अक्तूबर 2002 में जम्मू कश्मीर के चौकीबल के अशांत इलाके में एक अप्रत्याशित विस्फोट ने हवलदार होकाटो होतोजे सेमा का स्पेशल फोर्स में शामिल होने का सपना तोड़ दिया था।
विज्ञापन
होकाटो सेमा - फोटो : Twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत को पूर्व सैनिक ने गौरवान्वित किया है। पुरुषों की शॉटपुट एफ57 स्पर्धा में होकाटो होतोजी सीमा ने अपने जीवन का सबसे शानदार प्रदर्शन किया। होकाटो ने 14.65 मीटर गोला फेंकने के साथ ही कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। उनके अलावा इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक ईरान के खिलाड़ी यासिन खोसारवी ने जीता, जबकि ब्राजील के खिलाड़ी टीपी सांतोस ने रजत पदक अपने नाम करने में सफलता पाई।
विज्ञापन

होकाटो सेमा - फोटो : Twitter
अक्तूबर 2002 में जम्मू कश्मीर के चौकीबल के अशांत इलाके में एक अप्रत्याशित विस्फोट ने हवलदार होकाटो होतोजे सेमा का स्पेशल फोर्स में शामिल होने का सपना तोड़ दिया था। आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान हुए बारूदी सुरंग विस्फोट के कारण उन्होंने अपने बाएं पैर के घुटने के नीचे का हिस्सा गंवा दिया, जिससे उन्हें अत्यधिक शारीरिक दर्द और मानसिक आघात पहुंचा।

होकाटो सेमा - फोटो : Twitter
लोगों को लगा कि सेमा की दुनिया अंधकारमय हो गई, लेकिन इस जवान ने हिम्मत नहीं हारी। इसी का परिणाम है कि 40 वर्षीय सेमा ने पेरिस पैरालंपिक खेलों के गोला फेंक ( शॉट पुट) में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ 14.65 मीटर थ्रो करके पुरुषों की एफ57 श्रेणी में कांस्य पदक हासिल किया। यह श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिनका कोई अंग नहीं होता है या जिनकी मांसपेशियां कमजोर होती हैं। भारतीय खिलाड़ी सेमा ने खुद को इस श्रेणी के लिए तैयार किया।

होकाटो सेमा - फोटो : Twitter
पुणे स्थित कृत्रिम अंग केंद्र मे सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने सेमा की फिटनेस को देखकर उन्हें शॉट पुट खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। इस तरह से उन्होंने 2016 में 32 साल की उम्र में इस खेल को अपनाया था। सेमा ने उसी वर्ष राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लिया। उन्होंने 2022 में मोरक्को ग्रां प्री में रजत और हांगझोउ एशियाई पैरा खेलों में कांस्य पदक जीता।

होकाटो सेमा - फोटो : Twitter
वह 2024 में विश्व चैंपियनशिप में मामूली अंतर से पदक से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे। लेकिन सेमा का निश्चय कभी नहीं डिगा। पैरालंपिक खेलों में सेमा ने अपने चौथे प्रयास में अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके कांस्य पदक जीता। ईरान के दो बार के पैरा विश्व चैंपियन यासीन खोसरावी ने 15.96 मीटर के पैरालंपिक रिकॉर्ड के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि ब्राजील के थियागो डॉस सैंटोस ने रजत पदक (15.06 मीटर) जीता।
विज्ञापन

होकाटो सेमा - फोटो : Twitter
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमा की अविश्वसनीय ताकत और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए उनकी जीत को देश के लिए गर्व का क्षण बताया। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, 'हमारे देश के लिए यह गर्व का क्षण है। होकाटो होतोज़े सेमा ने पुरुषों के शॉट पुट एफ57 में कांस्य पदक जीता है। उनकी अविश्वसनीय ताकत और दृढ़ संकल्प असाधारण हैं। उन्हें बधाई और भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।'
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें